पटना का सियासी पारा हाई : बांकीपुर उपचुनाव में शुरू हुआ पोस्टर वार, निशाने पर प्रशांत किशोर..वोट नहीं नोट चाहिए
चुनावी जंग अब मैदान से निकलकर पटना की सड़कों और चौक-चौराहों पर पोस्टर वार के रूप में तब्दील हो चुकी है। शहर में रातों-रात लगे कुछ पोस्टरों ने सियासी हलकों में खलबली मचा दी है, जिसमें जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर सीट से खुद उम्मीदवार प्रशांत किशोर (पीके) को सीधे निशाने पर लिया गया है।
DESWA DESK : बिहार की राजधानी पटना की हॉट सीट मानी जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। चुनावी जंग अब मैदान से निकलकर पटना की सड़कों और चौक-चौराहों पर पोस्टर वार के रूप में तब्दील हो चुकी है। शहर में रातों-रात लगे कुछ पोस्टरों ने सियासी हलकों में खलबली मचा दी है, जिसमें जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर सीट से खुद उम्मीदवार प्रशांत किशोर (पीके) को सीधे निशाने पर लिया गया है।
पटना के विभिन्न प्रमुख चौराहों पर लगे इन पोस्टरों में बिना किसी निवेदक के नाम के सीधे प्रशांत किशोर पर हमला बोला गया है। पोस्टर में लिखा है- केसी सिन्हा तो अभी झांकी है, जमानत जब्त होना अभी बाकी है। इसके साथ ही, एक और नारा पोस्टर पर बड़े-बड़े अक्षरों में दर्ज है-वोट नहीं, नोट चाहिए। इस पोस्टर में प्रशांत किशोर को सिर पर जालीदार टोपी लगाए दिखाया गया है। साथ ही, उनके हाथ में नोटों की गड्डी भी दिखाई गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नारों के जरिए प्रशांत किशोर की राजनीतिक साख और उनकी पार्टी के इलेक्शन मैनेजमेंट पर सीधा हमला करने की कोशिश की गई है। 'नोट' वाले स्लोगन से जन सुराज के चुनावी खर्चों और हाल ही में घोषित की गई उनकी करोड़ों की संपत्ति की ओर इशारा करते हुए तंज कसा गया है।
बांकीपुर उपचुनाव इस बार बेहद खास हो चुका है, क्योंकि चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर खुद पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं। इस सीट पर जन सुराज के प्रशांत किशोर, भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा और राजद की रेखा गुप्ता के बीच मुकाबला देखा जा रहा है।
यह सीट पारंपरिक रूप से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। ऐसे में प्रशांत किशोर की एंट्री ने मुकाबले को हाईप्रोफाइल बना दिया है। पोस्टर सामने आने के बाद जन सुराज समर्थकों में खासा आक्रोश है। समर्थकों का कहना है कि प्रशांत किशोर की बढ़ती लोकप्रियता और बांकीपुर में मिल रहे जनसमर्थन से विरोधी दल घबरा गए हैं। जमीन पर मुकाबला न कर पाने की स्थिति में अब इस तरह की डर्टी पॉलिटिक्स और गुमनाम पोस्टरों का सहारा लिया जा रहा है।
दूसरी तरफ, विरोधी खेमे का कहना है कि यह जनता का आक्रोश है जो पोस्टरों के जरिए बाहर आ रहा है। बता दें कि बुधवार को कुम्हरार से जन सुराज पार्टी के पूर्व प्रत्याशी रहे प्रसिद्ध गणितज्ञ केसी सिन्हा, दीघा विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे रितेश रंजन उर्फ बिट्टू सिंह और मनेर से जन सुराज के प्रत्याशी रहे संदीप कुमार सिंह उर्फ गोपाल सिंह ने भाजपा का दामन थाम लिया था। इाके अलावा विनीता विट्टू सिंह, डाॅ. किशोर कुमार, ब्रजकिशोर सिन्हा उर्फ गोपू जी, ब्रह्मदेव मांझी, सुनील यादव, राजू यादव, शुभम सिंह, मंटू राय और साधू जी भी भाजपा में शामिल हो गए थे। लगातार समर्थक प्रशांत किशोर का साथ छोड़ रहे हैं, इससे भाजपा को प्रशांत किशोर पर तंज कसने का बड़ा मौका मिल गया है।
फिलहाल, इन पोस्टरों ने 30 जुलाई को होने वाले मतदान से ठीक पहले पटना के सियासी तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है। अब देखना यह होगा कि जन सुराज और खुद प्रशांत किशोर इस पोस्टर वॉर का क्या जवाब देते हैं।













