बेटे की करतूत पर लालू क्यों चुप्पी साधे.... , JDU ने RJD पर साधा निशाना, कहा-तेजस्वी का डरना तो स्वभाविक...
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव का होली के दिन एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इस वीडियो में तेजप्रताप उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी से डांस कराते दिख रहे हैं। नीतीश कुमार की जेडीयू ने होली पर जबरन सिपाही को नचवाने वाले राजद सुप्रीमो के बड़े बेटे तेज प्रताप के वायरल वीडियो पर बड़ा हमला बोला है। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि...

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव का होली के दिन एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इस वीडियो में तेजप्रताप उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी से डांस कराते दिख रहे हैं। यह वीडियो वायरल होने के बाद जहां लालू परिवार ने चुप्पी साध ली है तो वहीं सत्ताधारी दल हमलावर हो गए हैं।
लालू क्यों चुप्पी साधे हैं- नीरज कुमार
दरअसल नीतीश कुमार की जेडीयू ने होली पर जबरन सिपाही को नचवाने वाले राजद सुप्रीमो के बड़े बेटे तेज प्रताप के वायरल वीडियो पर बड़ा हमला बोला है। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने बेटे की इस करतूत पर लालू क्यों चुप्पी साधे हैं। नीरज कुमार ने लालू यादव को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि खुद आईएएस से पीकदान उठवाने वाले राजद चीफ लालू यादव क्या उसी दौर अभी भी जी रहे हैं।
तेजस्वी यादव का डरना तो स्वभाविक
जदयू के कद्दावर नेता सह प्रवक्ता एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि लालू प्रसाद अपने बेटे से भयाक्रांत हैं क्योंकि तेजप्रताप यादव के खिलाफ बोलने की हिम्मत उनमें नहीं है। नीरज कुमार ने आगे कहा कि तेजस्वी यादव का डरना तो स्वभाविक है वह तो डरेंगे ही क्योंकि तेजप्रताप बड़े भाई हैं, उम्र में भी बड़े हैं और पढ़ाई लिखाई में भी बड़े हैं लेकिन अपने भाई के अपराध के प्रति नतमस्तक हो गए यह ठीक नहीं है।
पुलिस वाले को हड़काते हुए डांस करने को कहा
गौरतलब हो कि होली के दिन तेजप्रताप यादव ने पुलिस वाले को हड़काते हुए डांस करने को कहा इतना ही नहीं होली के दिन पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव बिना हेलमेट के फुलवारीशरीफ के कमरुल हुदा की स्कूटी चला रहे थे। स्कूटी का प्रदूषण सर्टिफिकेट और इंश्योरेंस भी फेल था। हेलमेट और प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं होने पर एक-एक हजार, जबकि बीमा फेल रहने के कारण दो हजार का जुर्माना लगा है।