भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अधिकारियों की गिरफ्तारी वारंट की खबरें महज अफवाह, मामले की सुनवाई के बाद वकील ने किया था बड़ा दावा

भोजपुर के बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की खबरों पर अदालत ने विराम लगा दिया है। आरा की अदालत की ओर से स्पष्ट किया गया कि तत्कालीन एसडीएम, एसडीपीओ और थानाध्यक्ष सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने की बातें पूरी तरह अफवाह हैं।

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अधिकारियों की गिरफ्तारी वारंट की खबरें महज अफवाह, मामले की सुनवाई के बाद वकील ने किया था बड़ा दावा

DESWA DESK : भोजपुर के बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की खबरों पर अदालत ने विराम लगा दिया है। आरा की अदालत की ओर से स्पष्ट किया गया कि तत्कालीन एसडीएम, एसडीपीओ और थानाध्यक्ष सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने की बातें पूरी तरह अफवाह हैं।

न्यायालय सूत्रों और अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष और वकीलों द्वारा जिन 11 बिंदुओं पर आपत्ति और पक्ष रखा गया था, अदालत ने केवल उन बिंदुओं पर जांच की अद्यतन स्थिति  की रिपोर्ट मांगी थी। अदालत ने यह साफ किया कि सुनवाई के दौरान केवल कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए रिपोर्ट तलब की गई है, किसी भी अधिकारी या आरोपी के खिलाफ गैरजमानती या गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किया गया है।

उल्लेखनीय है कि शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर आज आरा सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान भरत तिवारी के परिवार के वकील ने 11 प्वाइंट पर अपना पक्ष रखा। इसपर कोर्ट ने सहमति जताते हुए एसपी से अबतक की जांच रिपोर्ट मांगी है। हालांकि कोर्ट से बाहर आने के बाद वकील संजीव कुमार सिंह ने दावा किया कि कोर्ट ने एनकाउंटर में शामिल 11 लोगों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है। जबकि कोर्ट का कहना है कि इन 11 लोगों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी नहीं किया गया है।

 कोर्ट की ओर से भी कहा गया है कि वकील ने 11 प्वाइंट पर अपना पक्ष रखा था, जिसपर कोर्ट की ओर से अपडेट मांगा गया है। हालांकि वकील संजीव कुमार सिंह ने यहां तक कह दिया था कि 12 अगस्त को इन सभी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश कोर्ट ने दिया है, लेकिन कोर्ट ने महज इसे अफवाह बताया है। जिन लोगों के विरूद्ध कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी होने का दावा किया था, उनमें जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार, एसडीपीओ राजेश शर्मा, शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार, दारोगा अंकित आर्यन, हरिश्चंद्र कुमार, एसटीएफ जवान अक्षय कुमार और विकास समेत 11 लोग शामिल हैं। लेकिन, कोर्ट ने इसका खंडन किया है और कहा है कि यह खबर महज अफवाह है।