लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता पर एसवीयू का शिकंजा: आय से अधिक संपत्ति मामले में पटना समेत चार ठिकानों पर रेड
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने फिर बड़ी कार्रवाई की है। बांका में तैनात लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर उनके चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। एसवीयू की टीम ने कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के राजधानी पटना के महावीर नगर स्थित जनक नंदनी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 307, बेउर चैराहा स्थित मकान, वैशाली जिले के पातेपुर के सिमरवारा गांव के मकान और बांका में लघु जल संसधन विभाग के कार्यालय पर दबिश दी है।
DESWA DESK : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने फिर बड़ी कार्रवाई की है। बांका में तैनात लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर उनके चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। एसवीयू की टीम ने कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के राजधानी पटना के महावीर नगर स्थित जनक नंदनी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 307, बेउर चैराहा स्थित मकान, वैशाली जिले के पातेपुर के सिमरवारा गांव के मकान और बांका में लघु जल संसधन विभाग के कार्यालय पर दबिश दी है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे और विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है।
एसवीयू को कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के खिलाफ पद का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित करने की पुख्ता शिकायतें मिली थीं। इसके बाद अदालत से तलाशी वारंट हासिल कर एसवीयू की अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। मंगलवार तड़के विशेष निगरानी की टीमों ने अभियंता के बांका स्थित कार्यालय व आवास, पटना स्थित आवासीय परिसर तथा उनके पैतृक आवास सहित कुल चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।
छापेमारी के दौरान एसवीयू की टीम दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय खातों को खंगालने में जुटी है। प्राथमिक जांच में पटना और अन्य प्रमुख शहरों में महंगे भूखंड, मकान और फ्लैट में निवेश से जुड़े कई अहम कागजात बरामद किए गए हैं। इसके अलावा कई बैंकों के खाते, फिक्स डिपॉजिट और बैंक लॉकर की जानकारी मिली है, जिन्हें खंगाला जा रहा है। वहीं, घर की तलाशी के दौरान कैश और सोने-चांदी के कीमती जेवरात के आकलन की प्रक्रिया जारी है। कई निवेश रिश्तेदारों व करीबियों के नाम पर किए जाने की आशंका है, जिनसे जुड़े कागजात टीम ने जब्त किए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी कार्यपालक अभियंता के खिलाफ उनकी वैध आय के स्रोतों की तुलना में कई गुना अधिक संपत्ति होने का प्रमाण मिला है। इसके बाद उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। एसवीयू के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है।
जब्त किए गए दस्तावेजों का मूल्यांकन किया जा रहा है, जांच पूरी होने के बाद अवैध संपत्ति का अंतिम आंकड़ा जारी किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद लघु जल संसाधन विभाग के अन्य अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच भी खलबली मची हुई है। एसवीयू की टीम मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया में जुटी है।













