बिहार कैबिनेट का मास्टर प्लान: 20 हजार से ज्यादा पुलिस भर्ती को हरी झंडी

बिहार में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट की दूसरी बैठक बुधवार शाम 5 बजे मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित की गई। इस बैठक में कुल 63 एजें....

बिहार कैबिनेट का मास्टर प्लान: 20 हजार से ज्यादा पुलिस भर्ती को हरी झंडी

बिहार में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट की दूसरी बैठक बुधवार शाम 5 बजे मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित की गई। इस बैठक में कुल 63 एजेंडों पर मंजूरी दी गई। बैठक में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव समेत कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक मजबूती और विकास योजनाओं को गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

‎20,937 पुलिस पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई

‎कैबिनेट के प्रमुख फैसलों में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 20,937 पुलिस पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है। इनमें से 50% पद प्रोमोशन से भरे जाएंगे, जबकि बाकी पदों पर परीक्षा के जरिए नियुक्ति होगी।इसके साथ ही पटना के प्रसिद्ध संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर अब पटना जू कर दिया गया है।

‎साइबर ट्रेजरी संचालन के लिए 23 पदों के सृजन को मंजूरी

वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने आकस्मिकता निधि को 350 करोड़ से बढ़ाकर 13,900 करोड़ रुपए करने का फैसला लिया है। साथ ही, वित्त विभाग के तहत साइबर ट्रेजरी संचालन के लिए 23 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।ऊर्जा क्षेत्र में आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 23,165 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिससे बिजली बिल में सब्सिडी मिल सकेगी।

‎1000 से बढ़ाकर 2000 रुपए कर दिया गया

इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देते हुए सरकार ने बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ (90 किमी) परियोजना को PPP मोड में बनाने की मंजूरी दी है। इसके अलावा बिदुपुर से दिघवारा (50 किमी) तक गंगा पथ निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है।सामाजिक कल्याण के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावास सहायता राशि को 1000 से बढ़ाकर 2000 रुपए कर दिया गया है। इससे राज्य के 139 छात्रावासों में रह रहे करीब 10,500 छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।

‎उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य

शिक्षा क्षेत्र में ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत “उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य” कार्यक्रम के अंतर्गत हर जिले के स्कूल और प्रत्येक प्रखंड के एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इस योजना के लिए 8 अरब रुपए की स्वीकृति दी गई है।