बिहार में सरकारी बस यात्रियों को राहत, किराया बढ़ाने से निगम का इनकार
पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध का असर अब आम लोगों की जेब पर भी दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण देशभर में पेट्रोल और डीजल...
पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध का असर अब आम लोगों की जेब पर भी दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण देशभर में पेट्रोल और डीजल महंगा हो रहा है। बिहार के गया शहर में डीजल की कीमत अब 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है।
किराया बढ़ाने की चर्चा शुरू हो चुकी है
डीजल के बढ़ते दामों से निजी परिवहन संचालकों पर दबाव बढ़ गया है और कई जगहों पर किराया बढ़ाने की चर्चा शुरू हो चुकी है लेकिन इस बीच बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने यात्रियों को राहत देते हुए सरकारी बस किराए में किसी भी तरह की बढ़ोतरी से फिलहाल इनकार कर दिया है।
बस किराया अभी यथावत रहेगा
क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष कुमार ने साफ कहा है कि डीजल की कीमतों में इजाफे के बावजूद बस किराया अभी यथावत रहेगा। उन्होंने बताया कि सरकार के आधिकारिक निर्देश के बिना निगम किराए में कोई बदलाव नहीं कर सकता।
बता दें कि इस फैसले से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। खासकर नौकरी, पढ़ाई और जरूरी कामों के लिए नियमित यात्रा करने वाले लोगों को महंगाई के दौर में राहत महसूस हो रही है।
शेरघाटी के लिए 45 रुपये और टिकारी के लिए 36 रुपये किराया
फिलहाल गया से औरंगाबाद तक डीलक्स बस का किराया 149 रुपये और सेमी डीलक्स बस का किराया 124 रुपये निर्धारित है। वहीं नवादा के लिए 98 रुपये, शेरघाटी के लिए 45 रुपये और टिकारी के लिए 36 रुपये किराया लिया जा रहा है। वहीं लंबी दूरी की यात्रा में गया से रांची के लिए एसी बस का किराया 396 रुपये और डीलक्स बस का किराया 325 रुपये तय किया गया है।
परिवहन निगम पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है,
हालांकि डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से परिवहन निगम पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, लेकिन यात्रियों के हित को देखते हुए फिलहाल किराया स्थिर रखा गया है। माना जा रहा है कि यदि आने वाले दिनों में डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी होती है, तो सरकार किराया पुनरीक्षण पर विचार कर सकती है।महंगाई के इस दौर में बीएसआरटीसी का यह फैसला आम लोगों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।













