बिहार राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन को झटका, 4 विधायक वोटिंग से रहे गायब; 5वीं सीट पर बड़ा खेल?
बिहार में राज्यसभा चुनाव के मतदान के बीच महागठबंधन को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब उसके चार विधायक विधानसभा पहुंचकर वोट नहीं डाल सके। इनमें कांग्रेस के तीन और राष्ट्रीय जनता दल का एक विधायक शामिल बताया जा रहा है। पांच सीटों के लिए हो रहे चुनाव में पहले ही मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है, ऐसे में इन विधायकों की गैरमौजूदगी ने सियासी हलकों में............
बिहार में राज्यसभा चुनाव के मतदान के बीच महागठबंधन को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब उसके चार विधायक विधानसभा पहुंचकर वोट नहीं डाल सके। इनमें कांग्रेस के तीन और राष्ट्रीय जनता दल का एक विधायक शामिल बताया जा रहा है। पांच सीटों के लिए हो रहे चुनाव में पहले ही मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है, ऐसे में इन विधायकों की गैरमौजूदगी ने सियासी हलकों में चर्चाओं का दौर और तेज कर दिया है।जानकारी के अनुसार, कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद, मनोज विश्वास और मनोहर प्रसाद मतदान के समय विधानसभा नहीं पहुंचे। महागठबंधन के लिए इन तीनों का वोट महत्वपूर्ण माना जा रहा था। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति ने गठबंधन की रणनीति और अंदरूनी तालमेल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
महागठबंधन की चिंताओं को और बढ़ा दिया
वहीं, राजद के ढाका विधायक फैसल रहमान भी मतदान के दौरान सदन में नजर नहीं आए। उनकी गैरहाजिरी ने महागठबंधन की चिंताओं को और बढ़ा दिया। हालांकि, उनके पीए की ओर से बताया गया है कि फैसल रहमान की मां की तबीयत खराब है, जिसके कारण वे दिल्ली गए हुए हैं।दरअसल, बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं। यही वजह है कि इस बार चुनावी मुकाबला सामान्य नहीं, बल्कि बेहद अहम माना जा रहा है। महागठबंधन की ओर से उतारे गए उम्मीदवार के लिए गठबंधन के सभी विधायकों का समर्थन जरूरी माना जा रहा था लेकिन मतदान के दिन चार विधायकों की गैरहाजिरी ने पूरा गणित बदलने की आशंका पैदा कर दी है।
सभी की नजर मतगणना पर टिकी
इन विधायकों के वोटिंग में शामिल नहीं होने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कहीं इसे रणनीतिक चूक कहा जा रहा है, तो कहीं पाला बदलने जैसी चर्चाओं ने भी जोर पकड़ लिया है। हालांकि, अब तक इस मामले में किसी भी दल की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।बता दें कि राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए 41 वोटों की जरूरत होती है। ऐसे में कुछ विधायकों की अनुपस्थिति भी नतीजों पर बड़ा असर डाल सकती है। अब सभी की नजर मतगणना पर टिकी है, जहां यह साफ होगा कि इन चार विधायकों की गैरहाजिरी ने चुनावी परिणाम को कितना प्रभावित किया।













