हमारे पिता शराब बनाते थे.. लेकिन हमने नहीं पी –शराबबंदी पर बोले मांझी-शराबबंदी उचित.. लागू करने वाले कर रहे गड़बड़ी

बिहार में शराबबंदी और एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने रविवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि शराबबंदी का कानून बिल्कुल सही है और इसे रहना चाहिए, लेकिन इसके इंप्लीमेंटेशन में गड़बड़ी हो रही है, जिससे सरकार की बदनामी हो रही है।इसी दौरान उन्होंने बिहार में चल रही LPG संकट की खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी और...

हमारे पिता शराब बनाते थे.. लेकिन हमने नहीं पी –शराबबंदी पर बोले मांझी-शराबबंदी उचित.. लागू करने वाले कर रहे गड़बड़ी

बिहार में शराबबंदी और एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने रविवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि शराबबंदी का कानून बिल्कुल सही है और इसे रहना चाहिए, लेकिन इसके इंप्लीमेंटेशन में गड़बड़ी हो रही है, जिससे सरकार की बदनामी हो रही है।इसी दौरान उन्होंने बिहार में चल रही LPG संकट की खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, बल्कि कुछ लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं।

‘शराबबंदी उचित है, लेकिन लागू करने वाले गड़बड़ी कर रहे’
मीडिया से बातचीत में जीतन राम मांझी ने कहा कि वह ऐसे परिवार से आते हैं, जहां उनके पिता शराब बनाते और बेचते थे, लेकिन उन्होंने खुद जिंदगी में कभी शराब नहीं पी। उन्होंने कहा, हम 82 साल के हो गए हैं और आज तक शराब नहीं पीए। तो क्या कोई कानून था? शराबबंदी अच्छा है, यह होना चाहिए लेकिन इसे लागू करने वाले लोग गड़बड़ी करते हैं। ऐसे लोग ही सरकार को बदनाम कर रहे हैं। यहां टाइट होने की जरूरत है। जहां तक शराबबंदी की बात है, तो यह उचित कानून और नियम है।”
मांझी इससे पहले भी कई बार कह चुके हैं कि शराबबंदी का मकसद सही है, लेकिन जमीन पर इसे लागू करने में गंभीर खामियां हैं।

LPG संकट पर बोले- ‘गैस की कोई कमी नहीं’
बिहार में एलपीजी सिलेंडर को लेकर मचे हंगामे पर भी केंद्रीय मंत्री ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राज्य में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है।मांझी के मुताबिक, गांवों में कुछ लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि निर्धारित कीमत से ज्यादा दर पर सिलेंडर बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।एलपीजी संकट को लेकर विपक्ष के हमलों पर पलटवार करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह इस तरह के बयान देकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।

जमीन पर कुछ और, सरकार का दावा कुछ और
दरअसल, ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव के बीच देश के कई हिस्सों में रसोई गैस को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। बिहार में भी कई जगहों पर गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं।हालांकि, दूसरी तरफ सरकार और जिला प्रशासन लगातार दावा कर रहे हैं कि सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे पैनिक बाइंग न करें। वहीं जीतन राम मांझी के बयान से एक बात साफ है कि सरकार शराबबंदी कानून को सही ठहरा रही है, लेकिन उसके क्रियान्वयन पर सवाल खुद सत्ता पक्ष के नेता भी उठा रहे हैं। वहीं LPG को लेकर भी सरकार लगातार यही संदेश देने में जुटी है कि स्थिति नियंत्रण में है, भले ही जमीनी तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही हो।