21 सौ रुपये में आसमान से देखें पटना, चार हजार में राजगीर की सैर, सीएम सम्राट चौधरी ने किया 'मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म सेवा' का शुभारंभ
बिहार में धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार ने आज 'मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026' का शुभारंभ किया। सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी योजना का भव्य शुभारंभ किया। इसके साथ ही, पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर टिकटों की बुकिंग भी आज से ही शुरू हो जाएगी। आम लोग आगामी 18 जुलाई से हेलीकॉप्टर के जरिए बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।
DESWA DESK : बिहार में धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार ने आज 'मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026' का शुभारंभ किया। सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी योजना का भव्य शुभारंभ किया। इसके साथ ही, पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर टिकटों की बुकिंग भी आज से ही शुरू हो जाएगी। आम लोग आगामी 18 जुलाई से हेलीकॉप्टर के जरिए बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने स्वयं रविवार को एक्स पर ट्वीट कर इस योजना की जानकारी साझा की थी। सम्राट चौधरी ने 'एक्स' पर लिखा-'बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 का कल शुभारंभ किया जाएगा। प्रथम चरण में वाल्मीकिनगर, कैमूर, राजगीर और पटना को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ा गया है। राज्य सरकार के अनुदान से अब पर्यटक पटना जॉय राइड का आनंद मात्र ₹2,100, पटना-राजगीर ₹4,000, पटना-वाल्मीकिनगर ₹5,000 तथा पटना-कैमूर ₹6,000 में ले सकेंगे। प्रति टिकट सरकार अधिकतम ₹15,422 तक का अनुदान दे रही है। 13 जुलाई से ऑनलाइन बुकिंग तथा 18 जुलाई से प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को यह सेवा प्रारंभ होगी। साथ ही पर्यटन नीति के अंतर्गत मुजफ्फरपुर में एम्यूजमेंट पार्क परियोजना तथा मुख्यमंत्री होम स्टे नीति के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।
बोधगया में ₹165.44 करोड़ की लागत से विश्वस्तरीय ध्यान एवं अनुभव केंद्र का शिलान्यास तथा ₹28.50 करोड़ की लागत से राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों के विकास एवं सौंदर्याकरण कार्यों का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया जाएगा। आधुनिक कनेक्टिविटी, बेहतर पर्यटन सुविधाओं और नई निवेश संभावनाओं के साथ बिहार पर्यटन, रोजगार और समृद्धि की नई उड़ान भर रहा है।'
इस संबंध में पर्यटन सचिव लोकेश सिंह ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रति टिकट अधिकतम 15,422 रुपये तक का भारी अनुदान दे रही है। इसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा और वे बेहद किफायती दरों पर हवाई सफर का आनंद ले सकेंगे। पर्यटन विभाग के अनुसार, पहले चरण में तीन प्रमुख पर्यटन केंद्रों को पटना से जोड़ा गया है। यह उड़ानें प्रत्येक शनिवार और रविवार को संचालित होंगी। प्रत्येक फेरी में अधिकतम पांच सीटें ही उपलब्ध होंगी।
सभी टिकटों की बुकिंग पूरी तरह डिजिटल होगी। इच्छुक पर्यटक बिहार पर्यटन विभाग और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के ऑनलाइन पोर्टल www.tourism.bihar.gov.in पर जाकर सोमवार से अपनी सीट बुक कर सकते हैं। पहले चरण में पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर (इको-टूरिज्म), कैमूर की मां मुंडेश्वरी मंदिर व करमचट डैम और नालंदा के ऐतिहासिक राजगीर को शामिल किया गया है। इस योजना के माध्यम से बिहार को उच्च स्तरीय धार्मिक और विरासत पर्यटन को वैश्विक पटल पर लाना है।
साथ ही, घरेलू के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करना भी इस योजना का उद्देश्य है। सरकार की इस योजना से वाल्मीकिनगर, कैमूर और राजगीर जैसे क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हेली-टूरिज्म सेवा के शुभारंभ के साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गया जिले के बोधगया में बनने वाले अत्याधुनिक बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र के निर्माण कार्य की भी आधारशिला रखेंगे, जिससे गया में वैश्विक बौद्ध पर्यटकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकेंगी।
पटना-वाल्मीकिनगर-पटना के लिए सुबह दस बजे प्रस्थान और दोपहर तीन बजे वापसी का समय निर्धारित किया गया है और किराया पांच हजार रुपये रखा गया है। इसी प्रकार पटना-कैमूर (करमचट डैम)-पटना के लिए सुबह 11 बजे प्रस्थान और दोपहर 12:45 बजे वापसी का समय निर्धारित किया गया है और किराया छह हजार रुपये रखा गया है। वहीं, पटना-राजगीर-पटना के लिए सुबह साढ़े नौ बजे निर्धारित किया गया है, जबकि वापसी का समय सुबह साढ़े दस बजे निर्धािरित किया गया है, जमकि किराया चार हजार रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं, पटना परिदर्शन यानी स्थानीय उड़ान के लिए किराया 21 सौ रुपये निर्धारिक किया गया है।













