पश्चिम चंपारण :वाहन जांच के दौरान डीटीओ से दुर्व्यवहार, ओवरलोड ट्रैक्टर को लेकर ग्रामीणों का विरोध; मालिक पर 40 हजार का जुर्माना
पश्चिम चंपारण में वाहन जांच के दौरान उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई, जब ओवरलोड ट्रैक्टर को जब्त करने पहुंची जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) रीतू रानी और उनकी टीम का ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और हंगामे के बीच डीटीओ टीम को बिना कार्रवाई लौटना पड़ा। हालांकि बाद में वाहन मालिक की पहचान.............
पश्चिम चंपारण में वाहन जांच के दौरान उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई, जब ओवरलोड ट्रैक्टर को जब्त करने पहुंची जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) रीतू रानी और उनकी टीम का ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और हंगामे के बीच डीटीओ टीम को बिना कार्रवाई लौटना पड़ा। हालांकि बाद में वाहन मालिक की पहचान कर उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
बेतिया–मैनाटांड़ रोड पर वाहनों की जांच
घटना गोपालपुर थाना क्षेत्र के झखरा बैसखवा डुमरा गांव के पास गुरुवार शाम की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, शाम करीब साढ़े चार बजे डीटीओ रीतू रानी अपनी टीम के साथ बेतिया–मैनाटांड़ रोड पर वाहनों की जांच कर रही थीं। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट का ईंट से लदा एक ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली आता दिखा।
परिवहन विभाग की गाड़ी देखते ही चालक ट्रैक्टर को मुख्य सड़क से मोड़कर ग्रामीण सड़क की ओर ले गया और वाहन छोड़कर फरार हो गया। डीटीओ जब वाहन की जांच कर रही थीं, तभी एक युवक वहां पहुंचकर वीडियो बनाने लगा। मना करने पर वह नाराज हो गया और कुछ ही देर में 30 से 40 की संख्या में महिला और पुरुष मौके पर पहुंच गए।
डीटीओ के साथ दुर्व्यवहार
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए डीटीओ के साथ दुर्व्यवहार किया। स्थिति बिगड़ती देख डीटीओ टीम को ओवरलोड ट्रैक्टर जब्त किए बिना ही वहां से लौटना पड़ा। बाद में विभाग ने ट्रैक्टर के चेसिस नंबर के आधार पर उसका रजिस्ट्रेशन नंबर पता लगाकर मालिक की पहचान कर ली और उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।डीटीओ रीतू रानी ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की सूचना वरीय अधिकारियों को दे दी गई है और संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।बताया जाता है कि चालू वित्तीय वर्ष में परिवहन विभाग को 30 लाख रुपये के चालान काटने का लक्ष्य दिया गया है। अब तक केवल 6 लाख 85 हजार रुपये का ही चालान काटा जा सका है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए इन दिनों विभाग द्वारा लगातार वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है।













