नीतीश से 'इशारों' में मुलाकात और समर्थकों का हंगामा, -जेडीयू में वापसी पर बोले आरसीपी सिंह..इंतजार कीजिए
बिहार की सियासत में शनिवार सुबह उस वक्त भारी सरगर्मी देखने को मिली, जब पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। कभी नीतीश कुमार के 'चाणक्य' कहे जाने वाले आरसीपी सिंह की इस मुलाकात के दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। करीब चार साल बाद हुई इस संक्षिप्त मुलाकात के बाद जहां सियासी गलियारों में आरसीपी की जेडीयू में घर-वापसी की चर्चाएं तेज हो गई हैं, वहीं उनके समर्थकों ने जेडीयू के दो बड़े नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
DESWA DESK : बिहार की सियासत में शनिवार सुबह उस वक्त भारी सरगर्मी देखने को मिली, जब पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। कभी नीतीश कुमार के 'चाणक्य' कहे जाने वाले आरसीपी सिंह की इस मुलाकात के दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। करीब चार साल बाद हुई इस संक्षिप्त मुलाकात के बाद जहां सियासी गलियारों में आरसीपी की जेडीयू में घर-वापसी की चर्चाएं तेज हो गई हैं, वहीं उनके समर्थकों ने जेडीयू के दो बड़े नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जानकारी के मुताबिक आरसीपी सिंह शनिवार सुबह अपने 20-25 समर्थकों के साथ नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे थे। समर्थकों का दावा है कि उन्हें करीब 20 मिनट तक बिठाकर रखा गया और सीधे मिलने नहीं दिया गया। जब नीतीश कुमार अपने कमरे से बाहर निकले, तो अचानक उनकी नजर आरसीपी सिंह पर पड़ी। इस दौरान आरसीपी सिंह ने उन्हें प्रणाम किया, जिसके जवाब में नीतीश कुमार ने भी एक आम कार्यकर्ता की तरह महज इशारों में जवाब दिया और आगे बढ़ गए।
इस संक्षिप्त मुलाकात से नाराज आरसीपी सिंह के समर्थकों ने आरोप लगाया कि जेडीयू के एमएलसी संजय गांधी और ललन सराफ ने उन्हें नीतीश कुमार से मिलने से रोका। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने परिसर में ही दोनों एमएलसी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बाद आरसीपी सिंह समर्थकों के साथ वापस लौट गए।
आरसीपी सिंह ने कहा कि आज सुबह नीतीश जी से मेरी बातचीत हुई है। कार्यकर्ताओं की इच्छा थी कि हमारे नेता चार साल बाद मिल रहे हैं, तो कम से कम 1-2 घंटे बैठकर लंबी बात हो। इसी वजह से कार्यकर्ता थोड़े गुस्से में आ गए थे। नीतीश कुमार से अपने रिश्तों पर बात करते हुए आरसीपी ने कहा कि मैंने नीतीश जी के साथ लंबे समय तक काम किया है। आज वो मुख्यमंत्री नहीं हैं, लेकिन वे हमारे नेता हैं और हमारे संबंध हमेशा वैसे ही रहेंगे।
जब उनसे जेडीयू में दोबारा शामिल होने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि इंतजार कीजिए, सब कुछ समय-काल पर छोड़ दीजिए।
आरसीपी सिंह कभी जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद नौकरशाह-कम-नेता रहे हैं। जेडीयू से बाहर किए जाने के बाद से ही दोनों के बीच की दूरी बढ़ गई थी। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से उनकी जेडीयू में वापसी की अटकलें तेज थीं। आज की इस 'इशारों वाली मुलाकात' और आरसीपी के बयान ने साफ कर दिया है कि बिहार की राजनीति में पर्दे के पीछे बहुत कुछ पक रहा है।













