लोहे की शील्ड गिराकर डाकबंगला चौराहे में घुसे अभ्यर्थी; बाॅडी प्रोटेक्टर से लैस होकर पहुंचे सीआरपीएफ के जवान

डाकबंगला चौराहे पर छात्रों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा लगाई गई लोहे के भारी सुरक्षा घेरा को आक्रोशित अभ्यर्थियों ने धक्का देकर गिरा दिया है। सुरक्षा बलों द्वारा बिछाया गया लोहे की शील्ड का मजबूत घेरा टूटते ही छात्र चौराहे में दाखिल हो गए, जिसके बाद मौके पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। मार्च की शुरुआत में ही अभ्यर्थियों ने जेपी गोलंबर पर लगाए गए पुलिस के प्राथमिक बैरिकेड्स को तोड़ दिया था। डाकबंगला चौराहे को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर रखा था। सड़क के एक तरफ का रास्ता पूरी तरह बंद कर लोहे की शील्ड की दीवार खड़ी की गई थी, जिसे छात्रों के भारी दबाव ने धराशायी कर दिया।

लोहे की शील्ड गिराकर डाकबंगला चौराहे में घुसे अभ्यर्थी; बाॅडी प्रोटेक्टर से लैस होकर पहुंचे सीआरपीएफ के जवान

DESWA DESK : प्रदर्शनकारी छात्रों को डाकबंगला चौराहे पर रोकने के लिए पुलिस बल की संख्या और बढ़ा दी गई है। सीआरपीएफ के जवान भी अब बाॅडी प्रोटेक्टर से लैस होकर पहुंचे हैं। पूरी कोशिश की जा रही है कि प्रदर्शनकारी छात्रों को डाकबंगला पर ही रोक दिया जाए। इसके लिए पुलिस लगातार मशक्कत कर रही है। इस दौरान कई बार पुलिस, सीआरपीएफ जवानों से छात्रों की नोकझोंक भी हुई है। राजधानी पटना में छात्रों का आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। ऐतिहासिक गांधी मैदान से निकला अभ्यर्थियों का हुजूम पुलिस के तमाम सुरक्षा इंतजामों को ध्वस्त करते हुए आगे बढ़ रहा है।

डाकबंगला चौराहे पर छात्रों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा लगाई गई लोहे के भारी सुरक्षा घेरा को आक्रोशित अभ्यर्थियों ने धक्का देकर गिरा दिया है। सुरक्षा बलों द्वारा बिछाया गया लोहे की शील्ड का मजबूत घेरा टूटते ही छात्र चौराहे में दाखिल हो गए, जिसके बाद मौके पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। मार्च की शुरुआत में ही अभ्यर्थियों ने जेपी गोलंबर पर लगाए गए पुलिस के प्राथमिक बैरिकेड्स को तोड़ दिया था। डाकबंगला चौराहे को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर रखा था। सड़क के एक तरफ का रास्ता पूरी तरह बंद कर लोहे की शील्ड की दीवार खड़ी की गई थी, जिसे छात्रों के भारी दबाव ने धराशायी कर दिया।

चौराहे पर भारी संख्या में पुलिस बल और सीआरपीएफ  के जवान तैनात हैं। स्थिति को बेकाबू होते देख वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया है। छात्रों के इस भारी विरोध और हंगामे के बीच बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सरकार का पक्ष रखते हुए बड़ा बयान दिया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अभ्यर्थियों द्वारा उठाए गए सभी जायज मुद्दों और विषयों का सरकार द्वारा समय पर समाधान कर दिया गया है।

इसके साथ ही, उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिस इंसान ने दसवीं की बोर्ड परीक्षा तक पास नहीं की, वह हमें परीक्षा प्रणाली पर सुझाव दे रहे हैं। मैं तेजस्वी जी से कहूंगा कि पहले वे बिहार सरकार के किसी स्कूल में दाखिला लें, दसवीं पास करें और फिर परीक्षा पर हमें सुझाव दें, तब उनका सुझाव हमें अच्छा लगेगा।

उधर प्रदर्शनकारी छात्र लगातार अपना मांग अड़े हुए हैं। छात्रों की मांग है कि बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा में पीटी (प्रारंभिक) और मेंस (मुख्य) परीक्षा की जगह पूर्व की तरह एक ही एकल परीक्षा आयोजित की जाए।  परीक्षा से नेगेटिव मार्किंग के नियम को पूरी तरह हटाया जाए। साथ ही, सौ फीसदी डोमिसाइल नीति लागू की जाए। फिलहाल डाकबंगला चौराहे पर पुलिस के आला अधिकारी मोर्चा संभाले हुए हैं और उग्र छात्रों को पीछे धकेलने व समझाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, अभ्यर्थी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और सरकार व आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।