बांकीपुर उपचुनाव : 'साइलेंट वोटर' तय करेंगे बिहार की भावी सियासत, त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में कल सुबह आठ बजे से मतगणना 

बिहार के सबसे हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव का परिणाम कल यानी सोमवार को सामने आ जाएगा। एएन कॉलेज में सुबह आठ बजे से मतगणना होगी। 30 जुलाई को हुए मतदान के बाद ईवीएम में बंद प्रत्याशियों की किस्मत अब एएन कॉलेज मतगणना केंद्र पर खुलने को तैयार है, और इसका काउंटडाउन शुरू हो चुका है। चुनाव आयोग और पटना जिला प्रशासन ने मतगणना को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर अपनी तैयारियां पूरी कर ली है।

बांकीपुर उपचुनाव : 'साइलेंट वोटर' तय करेंगे बिहार की भावी सियासत, त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में कल सुबह आठ बजे से मतगणना 

DESWA DESK : बिहार के सबसे हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव का परिणाम कल यानी सोमवार को सामने आ जाएगा। एएन कॉलेज में सुबह आठ बजे से मतगणना होगी। 30 जुलाई को हुए मतदान के बाद ईवीएम में बंद प्रत्याशियों की किस्मत अब एएन कॉलेज मतगणना केंद्र पर खुलने को तैयार है, और इसका काउंटडाउन शुरू हो चुका है। चुनाव आयोग और पटना जिला प्रशासन ने मतगणना को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर अपनी तैयारियां पूरी कर ली है।

यह नतीजा सिर्फ एक सीट का फैसला नहीं करेगा, बल्कि राज्य की भविष्य की राजनीति-विशेषकर भाजपा के गढ़ में सेंधमारी और प्रशांत किशोर की जन सुराज की जमीनी पकड़ का बड़ा संकेत देगा। बूथों पर वोटरों ने खुलकर बदलाव की बात कही है, लेकिन 'साइलेंट वोटर' इस विधानसभा क्षेत्र के विधायक का फैसला करेंगे। लोगों ने 'बदलाव' की बात कही है, लेकिन भाजपा के साइलेंट वोटर ने चुपचाप मतदान किया और अपने घरों को लौट गए। ऐसे में एनडीए समर्थित भाजपा प्रत्याशी नीरज सिन्हा की ओर भी लोग आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। 

हालांकि प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि वे चुनाव जीत रहे हैं। इस प्रकार के दावे अन्य प्रत्याशियों ने भी किए हैं। महागठबंधन समर्थित आरजेडी प्रत्याशी रेखा गुप्ता भी कैडर वोटों और एंटी इंकंबेंसी को भुनाकर शहरी सीमा में बड़ी सेंध लगाने की कोशिश की हैं, लेकिन मुकाबला बीजेपी और जन सुराज के बीच ही माना जा रहा है। 

उधर, एएन काॅलेज मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मतगणना केंद्र पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, बिहार पुलिस और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। मतगणना केंद्र के भीतर केवल पास धारक, अधिकृत अधिकारियों, मतगणना कर्मियों, उम्मीदवारों और उनके अधिकृत काउंटिंग एजेंटों को ही प्रवेश मिलेगा।  पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्याशियों और उनके एजेंटों की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम खोला जाएगा। 

सीसीटीवी कैमरों से पूरी प्रक्रिया की लाइव रिकॉर्डिंग होगी और हर राउंड के बाद नतीजों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इस चुनाव में सबसे चौंकाने वाला पहलू रिकॉर्ड कम मतदान रहा है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, बांकीपुर में मात्र 34.30 प्रतिशत वोट पड़े हैं, जो इस सीट के इतिहास का सबसे निचला स्तर है। नवंबर 2025 के मुख्य विधानसभा चुनाव 41.10 फीसदी की तुलना में इस बार करीब सात फीसदी कम मतदान हुआ है।

इस त्रिकोणीय मुकाबले में कई दिग्गजों की साख दांव पर लगी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई इस पारंपरिक सीट पर गढ़ बचाने की चुनौती भाजपा के सामने है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर खुद चुनावी मैदान में उतरकर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बचाने का पूरा प्रयास किए हैं और वोटरों ने उन्हें हाथोंहाथ लिया है। वैसे बांकीपुर हमेशा से भाजपा का मजबूत किला रहा है। हालांकि प्रशांत किशोर का खुद मैदान में उतरना और राजद का मजबूती से डटना इस मुकाबले को त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प बना चुका है। 

अगर भाजपा अपनी सीट बचा लेती है, तो उसकी शहरी पकड़ फिर मजबूत साबित होगी और एक बड़ा मैसेज भी लोगों के बीच जाएगा। सम्राट चैधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला उपचुनाव हुआ है। वहीं, जन सुराज का बड़ा प्रदर्शन राज्य की भावी चुनावी बिसात को पूरी तरह बदल सकता है।  अब देखना यह है कि ईवीएम से निकलने वाला जनादेश किस दल के दावों में जान फूंकता है और किसे आत्मचिंतन पर मजबूर करता है।