डाकबंगला पर टूटी बैरिकेडिंग; इनकम टैक्स पर वाटर कैनन का प्रयोग, पुलिस-कार्यकर्ताओं में धक्कामुक्की, तेजस्वी यादव हिरासत में
लोकभवन मार्च में शामिल नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया गया है। इनकम टैक्स चौराहा पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और उसके बाद तेजस्वी को हिरासत में ले लिया गया। हिरासत में लिए जाने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकभवन मार्च को रोक दिया गया, हम शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे। हमारा मार्च लोकभवन तक था, लेकिन बीच में मार्च को रोक दिया गया। इस दौरान उन्होंने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया।
DESWA DESK : लोकभवन मार्च में शामिल नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया गया है। इनकम टैक्स चौराहा पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और उसके बाद तेजस्वी को हिरासत में ले लिया गया। हिरासत में लिए जाने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकभवन मार्च को रोक दिया गया, हम शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे। हमारा मार्च लोकभवन तक था, लेकिन बीच में मार्च को रोक दिया गया। इस दौरान उन्होंने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया।
दरअसल, राजधानी पटना की सड़कें आज एक बार फिर बड़े राजनीतिक संग्राम की गवाह बनीं। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में आरजेडी का लोकभवन मार्च जेपी गोलंबर से शुरू होकर राजभवन की ओर बढ़ा। इस दौरान डाकबंगला चौराहे पर पुलिस और आंदोलित राजद कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और तनातनी की स्थिति बन गई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए मजबूत घेराबंदी और बैरिकेडिंग को उखाड़ फेंका और आगे बढ़ गए। छात्रों और युवाओं पर पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में निकाले गए इस मार्च में तेजस्वी यादव के साथ उनकी बहन और सांसद मीसा भारती, सांसद अभय कुशवाहा तथा रघुनाथपुर से विधायक ओसामा शहाब (शहाबुद्दीन के पुत्र) समेत पार्टी के कई शीर्ष सांसद, विधायक और हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
हाथों में राष्ट्रीय ध्वज और बैनर-पोस्टर थामे कार्यकर्ता 'तानाशाही नहीं चलेगी' के नारों के साथ सड़क पर उतरे। मार्च के दौरान कई कार्यकर्ता सांकेतिक रूप से लकड़ी की एके-47 लेकर पहुंचे थे और नुक्कड़ नाटक का मंचन कर सरकार की कार्यप्रणाली और नीतियों पर तीखा हमला बोल रहे थे। इस दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार तानाशाह हो गई है, छात्रों पर एके-47 चलाई जा रही है। मार्च का नेतृत्व कर रहे तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए अत्यंत तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह सरकार पूरी तरह से तानाशाह हो चुकी है। अपने हक, रोजगार और न्याय की मांग कर रहे निहत्थे छात्रों और युवाओं पर पुलिस से एके-47 जैसी आधुनिक राइफलों से अंधाधुंध फायरिंग करवाई जा रही है।
इससे देश और प्रदेश का युवा और छात्र वर्ग भयानक गुस्से में है। इस दमनकारी नीति के खिलाफ हम शांत बैठने वाले नहीं हैं। इस दौरान डाकबंगला चौराहे पर अभूतपूर्व घेराबंदी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों को लोकभवन जाने से रोकने के लिए पटना पुलिस प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। डाकबंगला चौराहे पर वाटर कैनन और वज्र वाहनों के साथ-साथ लाठी व राइफल से लैस भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
जब तेजस्वी यादव का काफिला डाकबंगला चौराहे पर पहुंचा तो पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रास्ता रोकने की कोशिश की। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर नोकझोंक और तनातनी हुई। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर और उसे हटाकर जबरन आगे बढ़ने की कोशिश की, जिससे स्थिति कुछ समय के लिए काफी तनावपूर्ण हो गई और भारी जाम की स्थिति निर्मित हो गई। सुरक्षा एजेंसियों और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार मशक्कत कर रही है।













