आरजेडी के लोकभवन मार्च को लेकर जेपी गोलंबर से डाकबंगला तक कड़ी चौकसी; लकड़ी की एके-47, नुक्कड़ नाटक और भारी पुलिस बल की तैनाती

जेपी गोलंबर पर ही नुक्कड़ नाटक का मंचन कर कार्यकर्ताओं ने सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यप्रणाली पर तीखे आरोप लगाए। हाथों में ली गई लकड़ी की एके-47 राइफलें इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य आकर्षण बनी रहीं, जिनके जरिए कार्यकर्ताओं ने सिवान में एके-47 से हुई फायरिंग पर अपना प्रतीकात्मक विरोध दर्ज करा रहे हैं।

आरजेडी के लोकभवन मार्च को लेकर जेपी गोलंबर से डाकबंगला तक कड़ी चौकसी; लकड़ी की एके-47, नुक्कड़ नाटक और भारी पुलिस बल की तैनाती

DESWA DESK : राजधानी पटना का हृदयस्थल कहे जाने वाले जेपी गोलंबर से लेकर डाकबंगला चौराहे तक आज राजनीतिक हलचल और विरोध प्रदर्शन का अनूठा नजारा देखने को मिल रहा है। हाथों में तिरंगा, बैनर-पोस्टर और लकड़ी की प्रतीकात्मक एके-47 थामे आरजेडी कार्यकर्ताओं का हुजूम सरकार के खिलाफ हुंकार भरने सड़क पर उतर आया है।

जेपी गोलंबर पर सुबह से ही कार्यकर्ताओं का जुटान शुरू हो गया है। आरजेडी की झंडा की जगह हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे कार्यकर्ता सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पारंपरिक नारों से इतर विरोध जताने के लिए कला का भी सहारा लिया।

जेपी गोलंबर पर ही नुक्कड़ नाटक का मंचन कर कार्यकर्ताओं ने सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यप्रणाली पर तीखे आरोप लगाए। हाथों में ली गई लकड़ी की एके-47 राइफलें इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य आकर्षण बनी रहीं, जिनके जरिए कार्यकर्ताओं ने सिवान में एके-47 से हुई फायरिंग पर अपना प्रतीकात्मक विरोध दर्ज करा रहे हैं।

आरजेडी के लोकभवन मार्च को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। आंदोलनकारियों को डाकबंगला चौराहे पर रोकने के लिए सड़क के ठीक बीचोबीच मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। चौराहे को छावनी में तब्दील कर दिया गया है, जहां लाठी और राइफल से लैस भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद एएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) कृष्ण मुरारी प्रसाद ने संभाल रखी है।

स्थिति को नियंत्रण में रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए उन्होंने मौके पर तैनात जवानों को सख्त हिदायत दी। एएसपी ने जवानों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदर्शन में शामिल नागरिक राष्ट्रध्वज (तिरंगा) लेकर पहुंचे हैं, इसलिए झंडे के सम्मान से कोई समझौता न हो। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों और जवानों को स्पष्ट किया कि लाठी का इस्तेमाल पूरी तरह से समझदारी और संयम के साथ ही किया जाए। प्रदर्शन के चलते आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां मार्च की हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।