नेपाल में बड़ी त्रासदी के बाद बिहार सतर्क; गंडक बराज पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बाढ़ से बचाव की तैयारियों का लिया जायजा
नेपाल में बाढ़ से भीषण तबाही के बाद उत्पन्न हुए स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार अलर्ट मोड पर है। नेपाल की नदियों से सैलाब के खतरे को भांपते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने सीमावर्ती क्षेत्रों बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया एवं मोतिहारी का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद नेताओं का काफिला सीधे भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण वाल्मीकिनगर गंडक बराज पहुंचा, जहां बराज के फाटकों और गंडक नदी के जलस्तर का निरीक्षण किया गया।
DESWA DESK : नेपाल में बाढ़ से भीषण तबाही के बाद उत्पन्न हुए स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार अलर्ट मोड पर है। नेपाल की नदियों से सैलाब के खतरे को भांपते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने सीमावर्ती क्षेत्रों बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया एवं मोतिहारी का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद नेताओं का काफिला सीधे भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण वाल्मीकिनगर गंडक बराज पहुंचा, जहां बराज के फाटकों और गंडक नदी के जलस्तर का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जल संसाधन विभाग के साथ ही वरीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से आपदा प्रबंधन व राहत-बचाव तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने का निर्देश देते हुए कहा कि नेपाल के मौसम और वहां की नदियों के जलस्तर पर पल-पल की नजर रखी जाए। गंडक नदी के तटीय और निचले इलाकों में रह रहे नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी स्वयं नेपाल के हालात पर नजर बनाए हुए हैं। नेपाल में आई त्रासदी का असर भारतीय सीमा पर न पड़े, इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही है। फिलहाल, गंडक बराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं और जलस्तर पूरी तरह नियंत्रण में है। बिहार व पूर्वी यूपी में बाढ़ का बड़ा खतरा फिलहाल टल गया है।
फिर भी सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट है और स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर बाढ़ की आशंका टल गई है और स्थितियाँ धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। हालांकि, नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र में बेहतर जल प्रबंधन और आपदा समन्वय के लिए प्रशासन को पूरी तत्परता से तैयार रहने के आदेश दिए गए हैं।













