मानसून की पहली झमाझम बारिश से राजधानी बेहाल : एलएनजेपी अस्पताल बना 'तालाब', मरीज 'ढोने' को मजबूर हुए तीमारदार
राजधानी पटना में शुक्रवार रात से हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थिति इस कदर बदतर हो गई कि बिहार के सबसे बड़े सरकारी हड्डी रोग अस्पताल लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (एलएनजेपी ) में शनिवार सुबह घुटने भर पानी भर गया। अस्पताल परिसर से लेकर ओपीडी, वार्ड और डॉक्टरों के चेंबर तक में बारिश का पानी घुस गया। परिसर का नजारा किसी अस्पताल जैसा नहीं, बल्कि एक जलमग्न टापू जैसा प्रतीत हो रहा था।
DESWA DESK : राजधानी पटना में शुक्रवार रात से हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थिति इस कदर बदतर हो गई कि बिहार के सबसे बड़े सरकारी हड्डी रोग अस्पताल लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (एलएनजेपी ) में शनिवार सुबह घुटने भर पानी भर गया। अस्पताल परिसर से लेकर ओपीडी, वार्ड और डॉक्टरों के चेंबर तक में बारिश का पानी घुस गया। परिसर का नजारा किसी अस्पताल जैसा नहीं, बल्कि एक जलमग्न टापू जैसा प्रतीत हो रहा था।
हड्डी और नस की बीमारियों से लाचार मरीजों को इस जलजमाव के कारण नारकीय स्थिति का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में पानी इस कदर भरा था कि मरीजों को लाने वाली व्हीलचेयर बीच में ही फंस गईं। स्थिति को देखते हुए कई तीमारदारों ने मजबूरी में अपने मरीजों को गोद या कंधे के सहारे उठाकर ओपीडी तक पहुंचाया। पैर का इलाज कराने आए कई गंभीर मरीजों को व्हीलचेयर न चल पाने के कारण भारी मशक्कत के साथ स्ट्रेचर के जरिए अंदर ले जाना पड़ा।
पूरे अस्पताल में पानी ही पानी नजर आ रहा था। घुटने तक पानी जमा होने के कारण मरीजों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ी। मरीजों ने कहा कि हम इलाज कराने आए हैं, लेकिन यहां इलाज से ज्यादा मुश्किल अस्पताल के भीतर दाखिल होने में हो रही है। इलाज कराने आए लोगों को इस गंदे पानी से जूझना पड़ रहा है। फर्श पर इतनी फिसलन है कि बुजुर्ग मरीज गिर सकते हैं।
जलजमाव का असर सिर्फ अस्पताल परिसर तक सीमित नहीं था। बारिश का गंदा पानी कई डॉक्टरों के चेंबर के भीतर तक प्रवेश कर गया। इसके चलते सुबह के वक्त चिकित्सा कार्य प्रभावित हुआ और मरीजों की जांच प्रक्रिया कुछ समय के लिए बाधित रही। एलएनजेपी अस्पताल में जलजमाव की सूचना मिलते ही पटना नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। अस्पताल परिसर से पानी निकालने के लिए आनन-फानन में कई मोटर पंप लगाए गए।
नगर निगम के कर्मचारियों ने नालियों की सफाई कर जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास शुरू किया। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि लगातार हुई भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव हुआ है, लेकिन अस्पतालों जैसे संवेदनशील स्थानों को प्राथमिकता पर रखकर सबसे पहले पानी निकाला जा रहा है।
बारिश का कहर सिर्फ अस्पताल तक ही सीमित नहीं रहा। पटना की कई मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में जलभराव के कारण यातायात की रफ्तार थम सी गई। सड़कों पर जलजमाव के कारण दर्जनों दोपहिया वाहनों के इंजन में पानी घुस जाने से गाड़ियां बंद हो गईं और लोग बीच सड़क पर परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के प्रमुख बाजारों में पानी भर जाने से लोगों की आवाजाही न के बराबर रही, जिससे शनिवार को व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई।
अस्पताल प्रशासन और नगर निगम भले ही स्थिति को संभालने का दावा कर रहे हों, लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य और नागरिक सुविधाओं के तालमेल पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। लोगों का कहना था कि अभी तो ये मानसून की पहली बारिश है, अगर ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त नहीं किया गया तो कई मुहल्लों और सड़कों पर लोगों का चलना दुभर हो जाएगा।













