जेपी आंदोलन के हर सेनानी और लोकतंत्र रक्षक को मिलेगा उचित सम्मान, छूटे हुए नामों को जोड़ने के लिए होगा समिति का गठन 

आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का एक काला अध्याय था, जब संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का प्रयास किया गया। इसी स्मृति को जीवित रखने के लिए आज देशभर में संविधान हत्या दिवस मनाया जा रहा है। लोकतंत्र में सरकार जनता के द्वारा चुनी जाती है। सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिये। जनता से जुड़ी समस्याओं का सीधा समाधान करना चाहिए।

जेपी आंदोलन के हर सेनानी और लोकतंत्र रक्षक को मिलेगा उचित सम्मान, छूटे हुए नामों को जोड़ने के लिए होगा समिति का गठन 

DESWA DESK : आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का एक काला अध्याय था, जब संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का प्रयास किया गया। इसी स्मृति को जीवित रखने के लिए आज देशभर में संविधान हत्या दिवस मनाया जा रहा है। लोकतंत्र में सरकार जनता के द्वारा चुनी जाती है। सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिये। जनता से जुड़ी समस्याओं का सीधा समाधान करना चाहिए।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज पटना के ज्ञान भवन में संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह बातें कही। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा एवं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा एवं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया तथा जेपी सेनानियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता का इतिहास गौरवशाली रहा है, लेकिन लगभग 50 वर्ष पूर्व देश ने लोकतंत्र पर हुए सबसे बड़े आघात को भी देखा था। आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का एक काला अध्याय था, जब संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का प्रयास किया गया। इसी स्मृति को जीवित रखने के लिए आज देशभर में संविधान हत्या दिवस मनाया जा रहा है। 

 केन्द्र और बिहार की डबल इंजन सरकार जनता की आंकाक्षाओं को पूरा करने के लिये पूरी निष्ठा से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना, गरीबों को न्याय, महिला सम्मान, किसानों की सुरक्षा और समृद्धि तथा युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने गरीबी हटाने का नारा दिया लेकिन उसने गरीबों को ही हटा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाया। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीबों को पक्का घर प्रदान किया गया। मुफ्त राशन की व्यवस्था की गयी और गांव-गांव तक बिजली पहुंचायी गयी। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में घर-घर तक बिजली पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि राज्य में 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है। बिहार सरकार ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 25 लाख गरीब परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने भोजपुर में हुई हालिया घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने तत्काल उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग का गठन किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। जन शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए राज्य सरकार द्वारा लागू जवाबदेही प्रणाली का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी आवेदन का 10 दिनों के भीतर समाधान नहीं होता है तो संबंधित पदाधिकारी को पहला नोटिस, 20 दिनों के बाद दूसरा नोटिस, 25 दिनों के बाद तीसरा नोटिस तथा 30 दिनों के भीतर निष्पादन नहीं होने पर निलंबन का नोटिस जारी किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 3 लाख 70 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 3 लाख 20 हजार मामलों का निष्पादन किया गया। सहयोग शिविर में 1200 आवेदन स्वतंत्रता सेनानियों के भी प्राप्त हुए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है, उनकी विरासत को आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर स्वतंत्रता सेनानी और लोकतंत्र के सशक्त प्रहरी थे। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जेपी सेनानियों के सम्मान और पेंशन संबंधी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे।

 मैं उनकी सरकार में वित्त मंत्री था, उस दौरान जेपी सेनानियों की पेंशन की राशि को दुगुना किया गया। जेपी आंदोलन के हर सेनानी और लोकतंत्र रक्षक को उचित सम्मान मिलेगा, छूटे हुए नामों को जोड़ने के लिए समिति का गठन किया जायेगा। ऐसे जेपी सेनानी जो किसी कारणवश अब तक लाभ से वंचित रह गए हैं, उन पात्र लोगों को सम्मान और सुविधाओं से जोड़ा जायेगा। अगली बार 25 जून को कार्यक्रम का आयोजन होगा तो ऐसे बचे जेपी सेनानियों को सम्मानित करेंगे। आज के कार्यक्रम में जेपी सेनानियों ने अपने अनुभव साझा किये हैं, जो हम सबके लिये प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ जे०पी० सेनानियों और लोकतंत्र रक्षकों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा जी का आज यहां एक आंदोलनकारी के रूप में स्वागत करता हूं। वे छात्र जीवन से ही लोकतांत्रिक आंदोलनों से जुड़े रहे हैं और आपातकाल विरोधी आंदोलन से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों का उनसे विशेष आत्मीय संबंध है, हमलोग उन्हें बिहारी ही मानते हैं। उनका बिहार आगमन सदैव प्रेरणादायी रहा है। आज के इस अवसर पर यहां आये हुए सभी जेपी सेनानियों का अभिनंदन करता हूं।