सड़क सुरक्षा को नई रफ्तार: परिवहन मंत्री श्रवण कुमार की बड़ी घोषणाएं, महिला सशक्तिकरण पर खास जोर

राज्य में सड़क सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और यात्री सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाए गए सड़क सुरक्षा अभियान का समापन आज अधिवेशन भवन में हुआ। इस अवसर पर परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कई अहम घोषणाएं कीं और आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की।मंत्री ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में अगले एक महीने तक सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान...

सड़क सुरक्षा को नई रफ्तार: परिवहन मंत्री श्रवण कुमार की बड़ी घोषणाएं, महिला सशक्तिकरण पर खास जोर

राज्य में सड़क सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और यात्री सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाए गए सड़क सुरक्षा अभियान का समापन आज अधिवेशन भवन में हुआ। इस अवसर पर परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कई अहम घोषणाएं कीं और आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की।मंत्री ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में अगले एक महीने तक सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करना और दुर्घटनाओं में कमी लाना है।

100 पिंक बसें संचालित
उन्होंने कहा  राज्य में फिलहाल 100 पिंक बसें चलाई जा रही हैं, जिनमें महिला ड्राइवर और महिला कंडक्टर तैनात हैं। इन बसों में केवल महिलाएं ही सफर कर सकती हैं।महिला सशक्तिकरण के तहत आज 6 महिला ड्राइवरों को ड्राइविंग लाइसेंस और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए और आज से ही उन्हें बसों का संचालन सौंप दिया गया है।मंत्री ने बताया कि राज्य को अभी करीब 250 महिला ड्राइवरों की आवश्यकता है। औरंगाबाद में प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है और महीने के अंत तक 21 नई महिला ड्राइवर उपलब्ध हो जाएंगी।

होली से पहले 149 नई बसें
उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार ने होली से पहले 149 नई बसें खरीदने का निर्णय लिया है, जिनमें 75 एसी बसें शामिल हैं। इससे यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा और बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा।साथ ही मंत्री ने अवैध रूप से डीजे गाड़ियां चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। मंत्री ने जानकारी दी कि  अब तक 800 सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में रोड सेफ्टी अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों में बच्चों को ट्रैफिक नियमों, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व तथा सुरक्षित सड़क व्यवहार की जानकारी दी गई।सरकार का लक्ष्य है कि कम उम्र से ही बच्चों में सड़क सुरक्षा की समझ विकसित हो।

दुर्घटना पीड़ितों के लिए नई सहायता योजना
वहीं मंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब किसी भी सड़क पर दुर्घटना होने की स्थिति में घायल व्यक्ति को इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।इसके अलावा, दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाकर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य ‘गुड सेमेरिटन’ को प्रोत्साहित करना और समय पर इलाज सुनिश्चित करना है।समारोह के दौरान ऐसे कई लोगों को चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाई थी।  मंत्री ने कहा कि समाज में ऐसे लोगों का सम्मान करना जरूरी है ताकि अन्य लोग भी आगे आकर मदद कर सकें।