पटना समेत बिहार के कई जिलों में मंडराया बाढ़ का खतरा; पुनपुन का रिंग बांध टूटा, गंगा के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि, सतर्क रहने की अपील
जल संसाधन विभाग द्वारा प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार पटना जिले में गांधी घाट पर आज रात्रि तथा हाथीदह (मोकामा) में चार सितंबर को दोपहर के समय गंगा नदी का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर को पार करने की आशंका है। गंगा नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि एवं उससे उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जिलों के नदी के किनारे एवं निचले क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों से अपील की गई है कि वे पूर्ण सतर्कता एवं सावधानी बरतें तथा किसी भी प्रकार का जोखिम न लें।
DESWA DESK : लगातार हो रही बारिश और नेपाल में आई भयंकर बाढ़ का असर अब बिहार में भी दिखने लगा है। बिहार में नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदियों के जलस्तर में वृद्धि से पटना के दियारा इलाकों के साथ-साथ कई नए इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उधर, पटना में पुनपुन नदी का रिंग बांध टूट गया है और पानी तेजी से मुख्य सुरक्षा बांध की ओर बढ़ रहा है। अब मुख्य सुरक्षा बांध की निगरानी और सख्त कर दी गई है ताकि नए इलाकों में बाढ़ का पानी ना घुसे। स्थिति को देखते हुए सभी बांधों की निगरानी तेज करने का निर्देश जारी कर दिया गया है।
जल संसाधन विभाग द्वारा प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार पटना जिले में गांधी घाट पर आज रात्रि तथा हाथीदह (मोकामा) में चार सितंबर को दोपहर के समय गंगा नदी का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर को पार करने की आशंका है। गंगा नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि एवं उससे उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जिलों के नदी के किनारे एवं निचले क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों से अपील की गई है कि वे पूर्ण सतर्कता एवं सावधानी बरतें तथा किसी भी प्रकार का जोखिम न लें।
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आवश्यक दिशा निर्देश में कहा गया है कि नदी, घाट, तटबंध एवं निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से न जाएं। बच्चों, बुजुर्गों तथा दिव्यांगजनों को नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें।प्रशासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों की जानकारी रखें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल वहां जाएं। वहीं, नदी में स्नान, तैराकी, नाव से अनावश्यक आवागमन तथा सेल्फी लेने जैसी जोखिमपूर्ण गतिविधियों से पूरी तरह बचने की अपील की गई है। साथ ही, अपने आवश्यक दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल फोन, टॉर्च, पीने का पानी और जरूरी सामान सुरक्षित एवं आसानी से ले जाने योग्य रखने की सलाह दी गई है।
जल संसाधन विभाग की ओर से यह भी अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। केवल जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करें। इसके साथ-साथ जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रशासन एवं बचाव दल के निर्देशों का तत्काल पालन करने को कहा गया है। जल संसाधन विभाग की ओर से कहा गया है कि किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन तथा राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के आपातकालीन सहायता नंबर 1070 पर तत्काल सूचित करें।













