ओपन स्कूल के डिप्टी डायरेक्टर के ठिकानों पर ईओयू की रेड; 3.43 करोड़ आय से अधिक संपत्ति का खुलासा, 500 के नोटों की मिली इतनी गड्डियां 

बिहार ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन बोर्ड (बीबीओएसई) के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी कार्रवाई की है। ज्ञात आय से 90 प्रतिशत से भी अधिक (लगभग 3.43 करोड़ रुपये) की बेनामी संपत्ति अर्जित करने के मामले में ईओयू की टीम ने गुरुवार को पटना और बेगूसराय स्थित उनके तीन ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। निगरानी की विशेष न्यायालय से मिले तलाशी वारंट के आधार पर ईओयू की 15 सदस्यीय टीम गुरुवार सुबह पटना के खाजपुरा में आकाशवाणी रोड स्थित चंद्रतारा भवन पहुंची। अचानक हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।

ओपन स्कूल के डिप्टी डायरेक्टर के ठिकानों पर ईओयू की रेड; 3.43 करोड़ आय से अधिक संपत्ति का खुलासा, 500 के नोटों की मिली इतनी गड्डियां 

DESWA DESK : बिहार ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन बोर्ड (बीबीओएसई) के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी कार्रवाई की है। ज्ञात आय से 90 प्रतिशत से भी अधिक (लगभग 3.43 करोड़ रुपये) की बेनामी संपत्ति अर्जित करने के मामले में ईओयू की टीम ने गुरुवार को पटना और बेगूसराय स्थित उनके तीन ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की।

निगरानी की विशेष न्यायालय से मिले तलाशी वारंट के आधार पर ईओयू की 15 सदस्यीय टीम गुरुवार सुबह पटना के खाजपुरा में आकाशवाणी रोड स्थित चंद्रतारा भवन पहुंची। अचानक हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। तलाशी के दौरान डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह घर पर ही मौजूद थे। ईओयू के अधिकारियों ने पूरे मकान, बेसमेंट और पार्किंग एरिया को सील कर गहन छानबीन की। पटना स्थित आवास की तलाशी में ईओयू को भारी मात्रा में नकद राशि मिली है। मौके से पांच-पांच सौ रुपये के नोटों की दस से अधिक गड्डियां जब्त की गई हैं। 

 वहीं, बेगूसराय स्थित उनके पैतृक आलीशान मकान पर भी ईओयू की दूसरी टीम जांच में जुटी है। ईओयू की जांच में सामने आया कि अजय कुमार सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग कर 3 करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक की अकूत संपत्ति बनाई है, जो उनकी वैध आय से करीब 90 प्रतिशत अधिक है। मामले की गंभीरता को देखते हुए 19 अगस्त को आर्थिक अपराध इकाई थाने में कांड संख्या 19/2026 दर्ज किया गया था। ईओयू के अधिकारियों के अनुसार छापेमारी पूरी होने के बाद कई अचल संपत्तियों के कागजात और बैंक खातों का ब्योरा के साथ कुल जब्त नकद राशि का अंतिम आंकड़ा  सामने आ सकता है।