एएसआई-सिपाही अब नहीं जांचेंगे गाड़ियां, एडीजी ट्रैफिक का निर्देश-एसआई या उससे ऊपर के अफसर.. बॉडी वॉर्न कैमरा बंद मिला तो कार्रवाई
बिहार पुलिस मुख्यालय ने ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आम लोगों के लिए सुगम बनाने के मकसद से यह नया दिशा-निर्देश जारी किया है। पुलिस मुख्यालय में एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने नए नियमों की घोषणा करते हुए साफ कहा कि सामान्य तौर पर वाहन को रोकने या उसकी जांच करने का अधिकार सिर्फ दरोगा (एसआई) या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारियों को ही होगा। इससे निचले स्तर के कर्मी ट्रैफिक को नियंत्रित करने में अपना ध्यान लगाएंगे।
DESWA DESK : बिहार में वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत और ट्रैफिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने वाला कदम उठाया गया है। राज्य में अब दरोगा (एसआई) से नीचे के रैंक के पुलिसकर्मी सड़कों पर वाहनों की जांच नहीं कर सकेंगे। एएसआई और सिपाही अब गाड़ियां रोककर चालान काटने या जांच करने के बजाय सिर्फ सड़कों को जाम से मुक्त रखने और यातायात को सुचारू बनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
बिहार पुलिस मुख्यालय ने ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आम लोगों के लिए सुगम बनाने के मकसद से यह नया दिशा-निर्देश जारी किया है। पुलिस मुख्यालय में एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने नए नियमों की घोषणा करते हुए साफ कहा कि सामान्य तौर पर वाहन को रोकने या उसकी जांच करने का अधिकार सिर्फ दरोगा (एसआई) या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारियों को ही होगा। इससे निचले स्तर के कर्मी ट्रैफिक को नियंत्रित करने में अपना ध्यान लगाएंगे।
सभी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तय ड्रेस कोड में ही ड्यूटी करनी होगी। ऑन-ड्यूटी जवानों को कंधे पर लगा बॉडी वॉर्न कैमरा हर हाल में चालू रखना होगा। यदि कैमरा बंद रहने के दौरान कोई विवाद या आरोप सामने आता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित ट्रैफिक कर्मी की होगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, कार्यस्थल पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के बेवजह मोबाइल चलाने पर सख्त मनाही रहेगी।
इसकी निगरानी के लिए पुलिस मुख्यालय का विशेष दस्ता औचक निरीक्षण करेगा। अब पीक आवर के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए इंस्पेक्टर से लेकर एसपी स्तर तक के सभी पर्यवेक्षी अधिकारी अनिवार्य रूप से सड़कों पर मौजूद रहेंगे। वहीं, एएसआई और सिपाहियों की मुख्य भूमिका सड़कों को जाम से मुक्त रखना और सुगम यातायात सुनिश्चित करना होगा। अभ वे वाहनों की जांच नहीं कर सकेंगे। इसके लिए स्गष्ट नियम जारी कर दिया गया है। एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने साफ कहा कि वाहन को रोकने या उसकी जांच करने का अधिकार सिर्फ दरोगा (एसआई) या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारियों को ही होगा।













