जेपी सेनानी लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी, अधूरे सम्मान कार्यों को पूरा करेगी सरकार, सीएम ने आपातकाल को बताया इतिहास का काला अध्याय
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'संविधान हत्या दिवस' के अवसर पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में जेपी (लोकनायक जयप्रकाश नारायण) आंदोलन के सेनानियों को लोकतंत्र का सच्चा प्रहरी करार दिया है। मुख्यमंत्री ने जेपी सेनानियों के सम्मान और अधिकारों को लेकर एक बड़ा एलान करते हुए कहा कि उनके सम्मान से जुड़े जो भी कार्य अभी अधूरे पड़े हैं, उन्हें बिहार सरकार प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेगी।
DESWA DESK : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'संविधान हत्या दिवस' के अवसर पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में जेपी (लोकनायक जयप्रकाश नारायण) आंदोलन के सेनानियों को लोकतंत्र का सच्चा प्रहरी करार दिया है। मुख्यमंत्री ने जेपी सेनानियों के सम्मान और अधिकारों को लेकर एक बड़ा एलान करते हुए कहा कि उनके सम्मान से जुड़े जो भी कार्य अभी अधूरे पड़े हैं, उन्हें बिहार सरकार प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेगी।
राजधानी पटना के ज्ञान भवन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहे। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 25 जून की तारीख को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे दर्दनाक दिन बताया। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को देश में जो आपातकाल (इमरजेंसी) लगाया गया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उस दौर में न सिर्फ लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया गया, बल्कि देश के लाखों राजनीतिक कार्यकर्ताओं, निष्पक्ष पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को बिना कसूर जेलों में ठूस दिया गया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश ने अंग्रेजों की गुलामी से आजाद होने के बाद लोकतंत्र को मजबूत करने और संवारने का सपना देखा था, लेकिन आपातकाल के रूप में देश को एक काला अध्याय देखना पड़ा। उस काले दौर में नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला हुआ और संविधान की मूल आत्मा को कमजोर करने की हर संभव कोशिश की गई।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा सहित अन्य वक्ताओं ने भी जेपी आंदोलन के महत्व को रेखांकित किया। नेताओं ने कहा कि बिहार की धरती ने हमेशा तानाशाही के खिलाफ बिगुल फूंका है और जेपी आंदोलन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। बिहार सरकार द्वारा जेपी सेनानियों के लिए किए गए इस बड़े एलान के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही जेपी सेनानियों के पेंशन, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं से जुड़े लंबित प्रस्तावों पर मुहर लगा सकती है।
केंद्र सरकार ने पिछले साल ही 25 जून को हर साल 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने का फैसला किया था, ताकि आने वाली पीढ़ियां आपातकाल के दौरान संविधान और लोकतंत्र पर हुए आघात को याद रख सकें। इसी कड़ी में बिहार सरकार का यह कार्यक्रम और जेपी सेनानियों को लेकर किया गया एलान बेहद अहम माना जा रहा है।













