भागलपुर में उफान पर नदियां; कटाव और पलायन के बीच पहुंचे जल संसाधन सचिव और कमिश्नर, जियो बैग गिराकर बांध बचाने की जंग
भागलपुर जिले के राघोपुर इलाके में नदी के भीषण कटाव और तेजी से हो रहे पलायन के बीच स्थिति काफी चिंताजनक हो गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर और भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त (कमिश्नर) प्रेम सिंह मीणा ने खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। दोनों वरिष्ठ अधिकारी कटाव स्थल पर लगातार कैंप कर रहे हैं और सुरक्षा कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
DESWA DESK : भागलपुर जिले के राघोपुर इलाके में नदी के भीषण कटाव और तेजी से हो रहे पलायन के बीच स्थिति काफी चिंताजनक हो गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर और भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त (कमिश्नर) प्रेम सिंह मीणा ने खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। दोनों वरिष्ठ अधिकारी कटाव स्थल पर लगातार कैंप कर रहे हैं और सुरक्षा कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
कटावरोधी कार्यों में तेजी लाने के लिए अब आधुनिक तरीकों और स्टीमर का सहारा लिया जा रहा है। नदी के तेज बहाव के बीच जियो बैग डालकर तटबंध को बचाने की हरसंभव कोशिश जारी है। हालांकि पानी की भयावह रफ्तार राहत कार्यों के आगे बड़ी चुनौती बनी हुई है। जल संसाधन सचिव डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि क्षेत्र में कटावरोधी कार्य लगातार जारी था, लेकिन 24 तारीख को मार्जिनल बांध का एक बड़ा हिस्सा कट गया, जिससे कटाव का दायरा तेजी से बढ़ता चला गया।
उन्होंने कहा कि फिलहाल हमारी प्राथमिकता पुरानी रेल लाइन बांध को हर हाल में सुरक्षित करने की है। पानी की धार इतनी तेज है कि बांस, बोरियां और जियो बैग जो भी डाला जा रहा है, वह बह जा रहा है। आने वाले समय में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया गया है। सचिव और कमिश्नर ने मौके पर मौजूद इंजीनियरों और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि कटाव रोधी कार्यों में किसी भी तरह की कोताही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तटबंध की सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी उपाय हैं, उन्हें युद्ध स्तर पर लागू किया जाए। कटाव के कारण अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे लोगों का हाल जानने खुद वरिष्ठ अधिकारी उनके बीच पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें भरोसा दिया। कमिश्नर प्रेम सिंह मीणा ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया है कि पलायन कर रहे परिवारों के लिए तत्काल भोजन, शुद्ध पेयजल, तिरपाल और स्वास्थ्य सुविधाओं का पुख्ता इंतजाम किया जाए ताकि इस आपदा की घड़ी में लोगों को न्यूनतम परेशानियों का सामना करना पड़े।













