पूर्णिया के केनगर प्रखंड में एसवीयू का तगड़ा एक्शन : दस हजार रुपये रिश्वत लेेते जेई और दो टेक्निकल सहायक रंगेहाथ गिरफ्तार
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के जीरो टाॅलरेंस नीति के तहत स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दस हजार रुपये रिश्वत लेते केनगर प्रखंड मुख्यालय स्थित उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीव्यूशन कंपनी के जेई भरत मलिक और दो टेक्निकल सहायक आशुतोष पांडेय, पंकज कुमार को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है।
DESWA DESK : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के जीरो टाॅलरेंस नीति के तहत स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दस हजार रुपये रिश्वत लेते केनगर प्रखंड मुख्यालय स्थित उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीव्यूशन कंपनी के जेई भरत मलिक और दो टेक्निकल सहायक आशुतोष पांडेय, पंकज कुमार को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है।
एसयूवी के इंस्पेक्टर अविनाश कुमार झा ने बताया कि केनगर प्रखंड की मजरा पंचायत के बखरीकोल गांव निवासी राजेश कुमार साह ने घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन दिया था। बिजली कनेक्शन देने के लिए राजेश कुमार साह से 15 हजार रूपये की मांग की गई थी। बताया जा रहा है कि आवेदन के साथ उन्होंने पांच हजार रूपये उन्होंने सत्यापन के लिए घूस के रूप में दे दिए थे। इसके बाद भी उन्हें कनेक्शन देने के लिए शेष दस हजार रूपये और मांगे जा रहे थे।
काफी आरजू-मिन्नत करने के बावजूद अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे थे। तंग आकर उन्होंन पटना में एसवीयू को पूरे मामले की जानकारी दी। शितायत मिलते ही एसवीयू की टीम तुरंत एक्शन में आई और मुकदमा दर्ज कर मामले का सत्यापन कराया। इसके बाद एसवीयू की टीम ने जेई के कार्यालय पहुंच गई, और जैसे ही कनीय अभियंता (जेई) भरत मलिक ने दोनों टेक्निकल सहायकों की मौजूदगी में रिश्वत के शेष दस हजार रूपये लिए, वहां मौजूद एसवीयू की टीम ने उन्हें और दोनों टेक्निकल सहायकों को रंगेहाथ दबोच लिया।
हालांकि इस दौरान कार्यालय में हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला और जेई के साथ दोनों टेक्निकल सहायकों ने भागने की कोशिश भी की, लेकिन पहले से सतर्क एसवीयू टीम ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ लेकर पटना चली गई। वहीं, राजेश कुमार साह ने बताया कि उन्हें पैसे के लिए दौड़ाया जा रहा था और कहा जा रहा था कि जबतक शेष दस हजार रूपये नहीं देंगे तबतक अंधेरे में ही रहना पड़ेगा। परेशान होकर मैंने बिजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं, अन्य लोगों ने भी कहा कि बिना रिश्वत दिए बिजली कनेक्शन नहीं दिया जाता है। उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अधिकारियों को बिना घूस दिए कोई काम ही नहीं होता है।













