पूर्वी चंपारण के अरेराज में पोखर में डूबने से मां और चार मासूम बच्चों की मौत, गांव में छाया मातमी सन्नाटा

पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज अनुमंडल क्षेत्र से एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बभनौली पंचायत के वार्ड-6 में एक ही परिवार की महिला और उनके चार मासूम बच्चों की पोखर में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पूर्वी चंपारण के अरेराज में पोखर में डूबने से मां और चार मासूम बच्चों की मौत, गांव में छाया मातमी सन्नाटा

DESWA DESK : पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज अनुमंडल क्षेत्र से एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बभनौली पंचायत के वार्ड-6 में एक ही परिवार की महिला और उनके चार मासूम बच्चों की पोखर में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतका की पहचान स्थानीय निवासी धर्मेंद्र महतो की पत्नी 30 वर्षीया सुशीला देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुशीला देवी अपने दो बेटों और दो बेटियों के साथ गांव के पास स्थित एक पोखर के किनारे पशुओं के लिए चारा लाने गई थीं। मिली जानकारी के अनुसार, बच्चे पोखर के समीप खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक गहरे पानी में चले गए। बच्चों को डूबता देख मां सुशीला देवी उन्हें बचाने के लिए बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में कूद पड़ीं। हालांकि पानी गहरा होने के कारण वह स्वयं भी बच्चों समेत डूब गईं। हालांकि इस घटना को लेकर पारिवारिक विवाद की बात भी सामने आ रही है। 

स्थानीय लोगों को जब घटना की भनक लगी तो वे तुरंत पोखर की ओर दौड़े और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद पांचों शवों को पानी से बाहर निकाला। एक साथ पांच मौतों की खबर फैलते ही बभनौली पंचायत में चीख.पुकार मच गई। देखते ही देखते पोखर के पास सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अरेराज अनुमंडल प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।

 पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की है और राज्य सरकार द्वारा मिलने वाली आपदा राहत राशि एवं अनुग्रह अनुदान राशि प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे पूर्वी चंपारण जिले को झकझोर कर रख दिया है।