मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी; दानापुर के चार बड़े स्कूल भी खाली कराए गए, चप्पे-चप्पे पर एटीएस..मामला ?
राजधानी पटना में मंगलवार को उस वक्त अफरातफरी का माहौल कायम हो गया जब सीएम सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास को बम से उड़ाने का धमकी भरा ईमेल मिला। इस सनसनीखेज ईमेल के सामने आने के तुरंत बाद राज्य का पुलिस प्रशासन, आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
DESWA DESK : राजधानी पटना में मंगलवार को उस वक्त अफरातफरी का माहौल कायम हो गया जब सीएम सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास को बम से उड़ाने का धमकी भरा ईमेल मिला। इस सनसनीखेज ईमेल के सामने आने के तुरंत बाद राज्य का पुलिस प्रशासन, आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
दूसरी ओर, इसी दौरान दानापुर स्थित चार प्रमुख निजी स्कूलों को भी ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई, जिससे राजधानी में हड़कंप मच गया। यह धमकी भरा ईमेल 21 जुलाई की सुबह भेजा गया था। खुद को खालिस्तान समर्थक बताने वाले प्रेषक ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को संबोधित करते हुए दावा किया है कि संजय वर्मा नाम का व्यक्ति बिहार में छुपा हुआ है।
ईमेल में यह आरोप लगाया गया है कि संजय वर्मा ने ही कनाडाई खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करवाई थी। ईमेल में संजय वर्मा को पटना में जान से मारने की धमकी देने के साथ-साथ सरकारी संस्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई है। हालांकि सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ईमेल में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और साइबर सेल ईमेल के आईपी एड्रेस को ट्रेस करने में जुटी है।
सचिवालय को मिले धमकी भरे पत्र के साथ ही दानापुर इलाके के चार नामी स्कूलों-दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल और रेडिएंट इंटरनेशनल स्कूल समेत एक अन्य संस्थान को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिला।
ईमेल मिलते ही स्कूल प्रशासनों ने बिना कोई जोखिम उठाए तुरंत कक्षाओं में मौजूद बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकाला गया और अभिभावकों को सूचित किया गया।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस टीमों ने स्कूल परिसरों, खेल के मैदानों, बसों और मुख्य भवनों की मेटल डिटेक्टर व खोजी कुत्तों की मदद से गहन तलाशी ली। पटना पुलिस और साइबर क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ईमेल के मुख्य सोर्स की पहचान करने में लगी है। शुरुआती जांच में इसे किसी की शरारत या सनसनी फैलाने की साजिश के कोण से भी देखा जा रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री आवास और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा घेराबंदी को और सख्त कर दिया गया है।













