बिहार में ट्रैफिक चालान पर बड़ी राहत: आधी राशि देकर होगा निपटान, कैबिनेट ने दी मंजूरी
बिहार सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए ट्रैफिक चालानों के बोझ को कम करने की दिशा में अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026’ ..
बिहार सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए ट्रैफिक चालानों के बोझ को कम करने की दिशा में अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026’ को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के तहत अब वाहन मालिक अपने पुराने और लंबित ई-चालानों का केवल 50 प्रतिशत भुगतान कर आसानी से निपटारा कर सकेंगे।सरकार के इस फैसले से लाखों वाहन चालकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर वे लोग, जो लंबे समय से भारी जुर्माने के कारण चालान नहीं भर पा रहे थे, उन्हें अब राहत का बड़ा मौका मिलेगा।
किन मामलों में मिलेगा लाभ?
बता दें कि इस योजना के तहत कई तरह के यातायात उल्लंघन शामिल किए गए हैं, जैसे:बिना हेलमेट वाहन चलाना।सीट बेल्ट का उपयोग न करना।बिना इंश्योरेंस वाहन चलाना ।इन सभी लंबित ई-चालानों का निपटारा अब आधी राशि देकर किया जा सकेगा। योजना के प्रावधानों के अनुसार, 90 दिनों से अधिक समय से लंबित चालानों का निपटारा राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से किया जाएगा। यह योजना तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी है और वित्तीय वर्ष 2026-27 तक प्रभावी रहेगी।
दरअसल इस पहल का मकसद सिर्फ जनता को राहत देना ही नहीं, बल्कि परिवहन विभाग पर बढ़ते लंबित मामलों के दबाव को भी कम करना है। इससे राजस्व संग्रह में तेजी आएगी।कोर्ट और दफ्तरों में फाइलों का बोझ घटेगा।प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल बनेगी।
वाहन मालिकों को मिलेगा बड़ा फायदा
अब तक लंबित चालानों के कारण वाहन मालिकों को फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट रिन्यूअल और NOC जैसी सेवाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस योजना के लागू होने से ये सभी बाधाएं खत्म हो जाएंगी।
परिवहन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस मौके का लाभ उठाएं और भविष्य में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करें। स रकार के इस फैसले को “विकसित बिहार” की दिशा में प्रशासनिक सुधार और जनसुविधा बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इसके लिए ई-चालान की एक न्यूनतम जुर्माना राशि भी निर्धारित की गई है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अधिक से अधिक लोग इस खिड़की का लाभ उठा सकें।













