टीआरई-4 में मौका देने की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री के आवास पर उमड़े सीटीईटी अपीयरिंग अभ्यर्थी, पूछा-हमारे साथ सौतेला व्यवहार क्यों ?

बीपीएससी द्वारा आयोजित होने वाली शिक्षक बहाली परीक्षा (टीआरई-4) में शामिल करने की मांग को लेकर मंगलवार को सीटीईटी अपीयरिंग अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए। आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने पटना स्थित शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के सरकारी आवास का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब सरकार एसटीईटी अपीयरिंग अभ्यर्थियों को टीआरई-4 में शामिल होने का अवसर दे सकती है, तो उनके साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है?

टीआरई-4 में मौका देने की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री के आवास पर उमड़े सीटीईटी अपीयरिंग अभ्यर्थी, पूछा-हमारे साथ सौतेला व्यवहार क्यों ?

DESWA DESK : बीपीएससी द्वारा आयोजित होने वाली शिक्षक बहाली परीक्षा (टीआरई-4) में शामिल करने की मांग को लेकर मंगलवार को सीटीईटी अपीयरिंग अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए। आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने पटना स्थित शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के सरकारी आवास का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब सरकार एसटीईटी अपीयरिंग अभ्यर्थियों को टीआरई-4 में शामिल होने का अवसर दे सकती है, तो उनके साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है?

सुबह से ही राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे सीटीईटी अपीयरिंग अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर जुटने लगे थे। हाथों में तख्तियां लिए अभ्यर्थियों ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की। सुरक्षा के लिहाज से आवास के बाहर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री से मिलकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने पर अड़ा रहा।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि टीआरई-4 परीक्षा में एसटीईटी अपीयरिंग छात्रों को मौका देकर सरकार ने राहत दी है, लेकिन सीटीईटी अपीयरिंग अभ्यर्थियों को इससे बाहर रख दिया गया है। छात्रों का तर्क है कि दोनों ही योग्यता परीक्षाएं हैं और दोनों के अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलना चाहिए। अगर उन्हें इस बहाली से बाहर रखा गया, तो उनके भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ होगा और वे उम्र सीमा पार कर जाएंगे।

अभ्यर्थियों की मुख्य मांग में  समान अवसर देने की मांग प्रमुख है। वे एसटीईटी अभ्यर्थियों की तरह सीटीईटी अपीयरिंग छात्रों को भी टीआरई-4 में फॉर्म भरने की अनुमति देने की मांग कर रहे थे। हंगामा बढ़ता देख स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने की कोशिश की। हालांकि, अभ्यर्थी स्पष्ट आश्वासन मिलने तक हटने को तैयार नहीं थे।