पेपरलेस निबंधन के विरोध में दस्तावेज नवीस संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल, सुपौल में कामकाज प्रभावित

सरकार द्वारा लागू की जा रही पेपरलेस निबंधन व्यवस्था के विरोध में बिहार दस्तावेज नवीस संघ के आह्वान पर सोमवार से सुपौल में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई। हड़ताल के कारण जिला अवर निबंधन कार्यालय परिसर में दस्तावेज नवीसों से संबंधित कामकाज प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में दस्तावेज नवीसों ने हड़ताल में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

पेपरलेस निबंधन के विरोध में दस्तावेज नवीस संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल, सुपौल में कामकाज प्रभावित

DESWA DESK : सरकार द्वारा लागू की जा रही पेपरलेस निबंधन व्यवस्था के विरोध में बिहार दस्तावेज नवीस संघ के आह्वान पर सोमवार से सुपौल में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई। हड़ताल के कारण जिला अवर निबंधन कार्यालय परिसर में दस्तावेज नवीसों से संबंधित कामकाज प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में दस्तावेज नवीसों ने हड़ताल में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

दस्तावेज नवीस संघ के सचिव अनिल कुमार अकेला ने स्पष्ट किया कि संघ आधुनिक और पेपरलेस निबंधन व्यवस्था के खिलाफ नहीं है। संघ का उद्देश्य व्यवस्था को रोकना नहीं, बल्कि इसमें दस्तावेज नवीसों से संबंधित आवश्यक प्रावधानों को शामिल कराना है, ताकि नई व्यवस्था में दस्तावेजों की सुरक्षा और पक्षकारों के हितों का समुचित संरक्षण हो सके।

संघ की प्रमुख मांगों में पेपरलेस दस्तावेज तैयार करने वाले सेवा प्रदाताओं को विधिवत अनुज्ञप्ति देने, प्रत्येक सेवा प्रदाता के लिए डिजिटल हस्ताक्षर की व्यवस्था करने तथा अलग यूजर आईडी जारी करने की मांग शामिल है। इसके अलावा संघ ने पेपरलेस दस्तावेज में पक्षकारों के भौतिक हस्ताक्षर अथवा अंगूठे के निशान को अनिवार्य रूप से दर्ज करने की भी मांग की है।

संघ पदाधिकारियों का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था में पारदर्शिता और सुविधा जरूरी है, लेकिन इसके साथ दस्तावेजों की विश्वसनीयता, सुरक्षा और पक्षकारों के हितों की रक्षा के लिए पर्याप्त प्रावधान भी आवश्यक हैं। जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है। हड़ताल के दौरान संघ के महामंत्री संजीव कुमार दास, अध्यक्ष जीवन कुमार मलिक, सचिव अनिल कुमार अकेला, कोषाध्यक्ष गगन कुमार सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज नवीस मौजूद रहे।

सुपौल से अल्ताफ राजा की रिपोर्ट