पहली बार सामान्य जातियों की भी होगी गिनती; केंद्र ने जारी की 40 सवालों की अधिसूचना, जाति-आय, धर्म से लेकर पासपोर्ट तक
अधिसूचित की गई 40 सवालों की सूची केवल जाति और धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने की व्यापक तस्वीर पेश करेगी। फॉर्म में धर्म, मातृभाषा, शिक्षा का स्तर, रोजगार की स्थिति, अंतर-राज्यीय व अंतरजिले पलायन और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े गहन सवाल शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, नागरिकों की डिजिटल व नागरिक पहचान की उपलब्धता का आकलन करने के लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।
DESWA DESK : देश की आगामी जनगणना-2027 सिर्फ घर-घर जाकर बुनियादी जनसांख्यिकी आंकड़े जुटाने तक सीमित नहीं रहेगी। केंद्र सरकार ने शुक्रवार यानी 14 अगस्त को जनसंख्या गणना के लिए 40 बहुआयामी सवालों की विस्तृत सूची जारी कर दी है। इस बार की जनगणना का बड़़ा पहलू यह है कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार सामान्य (गैरआरक्षित) श्रेणियों की जातियों की भी विस्तृत गिनती की जाएगी।
अधिसूचित की गई 40 सवालों की सूची केवल जाति और धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने की व्यापक तस्वीर पेश करेगी। फॉर्म में धर्म, मातृभाषा, शिक्षा का स्तर, रोजगार की स्थिति, अंतर-राज्यीय व अंतरजिले पलायन और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े गहन सवाल शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, नागरिकों की डिजिटल व नागरिक पहचान की उपलब्धता का आकलन करने के लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।
इससे सरकार को कल्याणकारी योजनाओं के लक्षित वितरण और राष्ट्रीय डेटाबेस को और अधिक सटीक बनाने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 की यह जनगणना भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और जटिल डेटा-संग्रह अभियान होगा। 40 विस्तृत सवालों के साथ यह फॉर्म अब तक का सबसे बड़ा और समावेशी फॉर्म बन गया है। सामान्य जातियों के सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों और प्रवासन के पैटर्न से भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और संसाधन आवंटन को नई दिशा मिलेगी।
पहचान पत्रों की जानकारी जुटाने से प्रशासनिक पारदर्शिता और नागरिक सेवाओं के एकीकरण में तेजी आएगी। सरकार की इस अधिसूचना के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर प्रगणकों के प्रशिक्षण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की तैयारियां तेज हो गई हैं।













