चुनावी केस में पवन सिंह को राहत, डेहरी कोर्ट से मिली जमानत,बिना अनुमति रैली का आरोप
भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता पवन सिंह को बिहार के रोहतास जिले से बड़ी कानूनी राहत मिली है। डेहरी अनुमंडल न्यायालय ने चुनाव आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े मामले में उन्हें जमानत दे दी है। यह मामला लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दर्ज किया गया था।दरअसल, लोकसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह ने काराकाट संसदीय सीट से निर्दलीय....
भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता पवन सिंह को बिहार के रोहतास जिले से बड़ी कानूनी राहत मिली है। डेहरी अनुमंडल न्यायालय ने चुनाव आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े मामले में उन्हें जमानत दे दी है। यह मामला लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दर्ज किया गया था।दरअसल, लोकसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह ने काराकाट संसदीय सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनाव प्रचार के दौरान बिना प्रशासनिक अनुमति के लंबा रोड शो निकालने को लेकर स्थानीय प्रशासन ने उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का केस दर्ज किया था।
पवन सिंह अपनी पेशी के लिए डेहरी कोर्ट पहुंचे
मंगलवार को पवन सिंह अपनी पेशी के लिए डेहरी कोर्ट पहुंचे। जैसे ही उनके पहुंचने की खबर फैली, कोर्ट परिसर में उनके प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालात ऐसे हो गए कि पुलिस और प्रशासन को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा कारणों से मीडिया को कोर्ट परिसर में फोटो और वीडियो बनाने से रोक दिया गया। हालांकि, वहां मौजूद कई वकील अपने पसंदीदा अभिनेता के साथ सेल्फी लेने को उत्साहित नजर आए।
मीडिया के सवालों से बचते दिखे
पेशी के दौरान पवन सिंह मीडिया के सवालों से बचते दिखे और अदालत से निकलने के बाद बिना कोई बयान दिए सीधे अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए।कोर्ट में पवन सिंह की ओर से उनके वकीलों ने पक्ष रखा। बाहर निकलने के बाद उनके वकीलों ने कहा कि पवन सिंह को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे कानून का सम्मान करते हैं। वकीलों के मुताबिक, यह चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा एक सामान्य कानूनी मामला है और पवन सिंह कोर्ट के हर आदेश का पालन कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते लोकसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह के खिलाफ जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल पांच मुकदमे दर्ज हुए थे। संझौली थाना कांड संख्या 70/2024 में उन्हें बरी कर दिया गया है, जबकि चार अन्य मुकदमे अभी भी न्यायालय में विचाराधीन हैं।













