कटिहार सदर अंचल कार्यालय में जमकर चले लात-घूंसे; सीओ को उनके ही कक्ष में कर्मचारी ने पीटा, डीएम ने दिए जांच के आदेश

कटिहार सदर अंचल कार्यालय के अंदर अनुशासन और कार्यप्रणाली को तार-तार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। सदर अंचल कार्यालय में पदस्थापित अंचलाधिकारी (सीओ) सोनू भगत के साथ उनके ही कार्यालय कक्ष में घुसकर अंचल कर्मी संजय वर्मा ने मारपीट की। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरह हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना 30 अगस्त की है। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से सहायक थाना में आवेदन भी दिया गया है। स्थानीय सूत्रों की मानें तो कार्यालय में लोगों की फाइल डीलिंग के दौरान अवैध रूप से जो राशि वसूली जाती है उसी को लेकर पहले विवाद और फिर हाथापाई हुई है।

कटिहार सदर अंचल कार्यालय में जमकर चले लात-घूंसे; सीओ को उनके ही कक्ष में कर्मचारी ने पीटा, डीएम ने दिए जांच के आदेश

DESWA DESK : कटिहार सदर अंचल कार्यालय के अंदर अनुशासन और कार्यप्रणाली को तार-तार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। सदर अंचल कार्यालय में पदस्थापित अंचलाधिकारी (सीओ) सोनू भगत के साथ उनके ही कार्यालय कक्ष में घुसकर अंचल कर्मी संजय वर्मा ने मारपीट की। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरह हो रहा है।

बताया जा रहा है कि यह घटना 30 अगस्त की है। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से सहायक थाना में आवेदन भी दिया गया है। स्थानीय सूत्रों की मानें तो कार्यालय में लोगों की फाइल डीलिंग के दौरान अवैध रूप से जो राशि वसूली जाती है उसी को लेकर पहले विवाद और फिर हाथापाई हुई है।

हालांकि आधिकारिक रूप से विवाद की वजह अब तक साफ नहीं हुआ है। फिलहाल कटिहार डीएम ने पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है, और जांच के बाद ही पूरा मामला साफ हो पाएगा। उधर कटिहार राजस्व विभाग में आंचल अधिकारी और प्रधान लिपिक के बीच हुए इस मारपीट को लेकर कटिहार जिला में कई तरह की चर्चा है।

मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता इसलिए भी अधिक बढ़ गई है क्योंकि अंचलाधिकारी सोनू भगत पहले से ही आंख की चोट से पीड़ित थे। अपनी आंख के इलाज के बाद ड्यूटी पर लौटने के कुछ ही समय बाद कार्यालय कक्ष के भीतर उनके साथ यह घटना घटित हुई है। सोशल मीडिया पर प्रसारित फुटेज में अंचलाधिकारी सोनू भगत और कर्मचारी संजय वर्मा के बीच कुछ देर तक तीखी बहस होती दिखाई दे रही है, जिसके बाद स्थिति मारपीट तक पहुंच गई और इस दौरान जमकर लात-घूंसे चले।

इस घटना के बाद सदर अंचल कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। एक जिम्मेदार सरकारी कार्यालय के भीतर वरिष्ठ अधिकारी और मातहत कर्मचारी के बीच ऐसी हिंसा ने दफ्तरी अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) आशुतोष द्विवेदी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

जांच टीम पूरे घटनाक्रम की गहनता से पड़ताल करेगी। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज के हर पहलू का विश्लेषण करने के साथ ही संबंधित अधिकारी, आरोपी कर्मचारी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।