बीपीएससी टीआरई-3 पेपर लीक में ईओयू का बड़ा एक्शन, संजीव मुखिया के बेटे का डॉक्टर दोस्त अरेस्ट, 30 कैंडिडेट को हजारीबाग पहुंचाया था

गिरफ्तार आरोपी डॉ. मनीष कुमार मूल रूप से जहानाबाद जिले के नेहालपुर का निवासी है। ईओयू ने उसे 27 जुलाई को गिरफ्तार किया। ईओयू से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े में डॉक्टर मनीष की भूमिका अभ्यर्थियों को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने और सेटिंग कराने की थी। बताया जा रहा है कि परीक्षा से दो-तीन दिन पहले डॉक्टर मनीष ने पटना से रिजर्व गाड़ियों में लगभग 30 अभ्यर्थियों को हजारीबाग के प्रसिद्ध कोहिनूर होटल पहुंचाया था, जहां उन्हें उत्तर रटवाए गए थे। अभ्यर्थियों को छोड़ने के बाद वह वापस पटना लौट आया था।

बीपीएससी टीआरई-3 पेपर लीक में ईओयू का बड़ा एक्शन, संजीव मुखिया के बेटे का डॉक्टर दोस्त अरेस्ट, 30 कैंडिडेट को हजारीबाग पहुंचाया था

DESWA DESK : टीआरई-3 पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू )ने एक डाॅक्टर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार एमबीबीएस डाॅक्टर मनीष कुमार परीक्षा माफिया संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया के बेटे डॉक्टर शिव का दोस्त है।  बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-3) पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने करारा प्रहार करते हुए कांड में 296वीं गिरफ्तारी की है। ईओयू की टीम ने पेपर लीक गिरोह के मुख्य सरगना संजीव मुखिया के बेटे डॉक्टर शिव के करीबी दोस्त और एमबीबीएस डॉक्टर मनीष कुमार को धर दबोचा है।

गिरफ्तार आरोपी डॉ. मनीष कुमार मूल रूप से जहानाबाद जिले के नेहालपुर का निवासी है। ईओयू ने उसे 27 जुलाई को गिरफ्तार किया। ईओयू से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े में डॉक्टर मनीष की भूमिका अभ्यर्थियों को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने और सेटिंग कराने की थी। बताया जा रहा है कि परीक्षा से दो-तीन दिन पहले डॉक्टर मनीष ने पटना से रिजर्व गाड़ियों में लगभग 30 अभ्यर्थियों को हजारीबाग के प्रसिद्ध कोहिनूर होटल पहुंचाया था, जहां उन्हें उत्तर रटवाए गए थे। अभ्यर्थियों को छोड़ने के बाद वह वापस पटना लौट आया था।

मास्टरमाइंड संजीव मुखिया के बेटे डॉक्टर शिव ने प्रत्येक अभ्यर्थी की सेटिंग कराने के बदले डॉक्टर मनीष को 50 हजार रूपये प्रति कैंडिडेट’ देने का वादा किया था। मामले में शामिल आरोपी का प्रोफाइल भी काफी चौंकाने वाला है। 2021 में पास  डॉक्टर मनीष ने वर्ष 2021 में नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एनएमसीएच) पटना से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद उसने कैमूर जिले में सरकारी चिकित्सक के पद पर कार्य किया। हाल में उसने सरकारी सेवा से त्यागपत्र दे दिया था और पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) की तैयारी कर रहा था।

पेपर लीक नेटवर्क में उच्च शिक्षित और पेशेवर लोगों के शामिल होने से इस अंतरराज्यीय गिरोह की जड़ों की गहराई का पता चलता है। ईओयू के अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टर मनीष से पूछताछ के आधार पर इस सिंडिकेट से जुड़े कुछ और सफेदपोशों और डॉक्टरों के नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल, ईओयू की टीम टीआरई-3 पेपर लीक से जुड़े और लोगों की तलाश में दबिश दे रही है।