रिसर्च स्कॉलर्स के अनशन को मिला पप्पू यादव का साथ; हाथ में भगत सिंह की तस्वीर लेकर उपवास पर सांसद, बिहार बंद की दी चेतावनी
बिहार की राजधानी पटना का गर्दनीबाग धरनास्थल रविवार को राज्य की राजनीति और छात्र आंदोलन का नया केंद्र बन गया। ऑल पीएचडी होल्डर रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन के बैनर तले पिछले 13 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन आमरण-अनशन को रविवार को बड़ा राजनीतिक समर्थन मिला, जब पूर्णिया सांसद पप्पू यादव खुद हाथों में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की तस्वीर लेकर एक दिन के उपवास पर बैठ गए।
DESWA DESK : बिहार की राजधानी पटना का गर्दनीबाग धरनास्थल रविवार को राज्य की राजनीति और छात्र आंदोलन का नया केंद्र बन गया। ऑल पीएचडी होल्डर रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन के बैनर तले पिछले 13 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन आमरण-अनशन को रविवार को बड़ा राजनीतिक समर्थन मिला, जब पूर्णिया सांसद पप्पू यादव खुद हाथों में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की तस्वीर लेकर एक दिन के उपवास पर बैठ गए।
सांसद के पहुंचते ही धरनास्थल का माहौल पूरी तरह से गरमा गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी तुरंत हरकत में आ गया तथा गर्दनीबाग में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दी गई है। उपवास पर बैठने के बाद सांसद पप्पू यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के बच्चों और छात्रों की वाजिब मांगों को सुनने के बजाय उन्हें 'बौद्धिक नक्सली' कहा जा रहा है। बिहार में युवाओं और शोधार्थियों की आवाज को दबाया जा रहा है।
सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने छात्रों की जायज मांगों पर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे न केवल अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठेंगे, बल्कि बिहार बंद का आह्वान करेंगे। गर्दनीबाग में पिछले दो हफ्तों से डटे पीएचडी धारकों और रिसर्च स्कॉलर्स की मुख्य मांगों में सहायक प्राध्यापक की बहाली प्रक्रिया में यूजीसी रेगुलेशन-2018 के टेबल-3ए को पूरी तरह लागू किया करना है।
इसके साथ ही, सहायक प्राध्यापक पद के लिए अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 55 वर्ष करने की मांग भी शामिल है। वहीं, विश्वविद्यालयों में वर्षों से खाली पड़े पदों पर एडहॉक या संविदा के बजाय स्थायी और नियमित बहाली करने की मांग भी अभ्यर्थी कर रहे हैं।
राज्य की नौकरियों और बहाली प्रक्रियाओं में बिहार की डोमिसाइल नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवाज भी उठाई जा रही है। साथ ही साथ 70वीं बीपीएससी परीक्षा को निरस्त करने की मांग भी इस आंदोलन के प्रमुख एजेंडे में शामिल है। 13 दिनों से जारी अनशन के बाद भी सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक पहल न होने से छात्रों में काफी आक्रोश है। अब सांसद पप्पू यादव के सीधे मैदान में उतरने से इस आंदोलन को नया राजनीतिक बल मिल गया है। धरना स्थल पर बढ़ती भीड़ और को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।













