तेजप्रताप अभी जेल में ही रहेंगे : हत्या के प्रयास में जेल में बंद जेजेडी सुप्रीमो की जमानत अर्जी पर आदेश सुरक्षित

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के सुप्रीमो तेजप्रताप यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बेउर जेल में बंद पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव को फिलहाल सलाखों के पीछे ही इंतजार करना पड़ेगा। पटना सिविल कोर्ट की अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी आरती उपाध्याय की अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिका पर लंबी सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

तेजप्रताप अभी जेल में ही रहेंगे : हत्या के प्रयास में जेल में बंद जेजेडी सुप्रीमो की जमानत अर्जी पर आदेश सुरक्षित

DESWA DESK : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के सुप्रीमो तेजप्रताप यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बेउर जेल में बंद पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव को फिलहाल सलाखों के पीछे ही इंतजार करना पड़ेगा।

 पटना सिविल कोर्ट की अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी आरती उपाध्याय की अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिका पर लंबी सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। गांधी मैदान थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए प्रदर्शन में तेजप्रताप यादव भी शामिल हुए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों पर जानलेवा हमला किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। 

इस मामले में शनिवार को ही तेजप्रताप को सिटी सेंटर माॅल से गिरफ्तार कर लिया गया था और उनपर हत्या के प्रयास और सरकारी काम में बाधा डालने के गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद उन्हें बेउर जेल भेज दिया गया था। इस मामले में उनकी जमानत अर्जी पर अदालत में सुनवाई पूरी हो गई है, लेकिन फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। एक अगस्त को इस मामले में फैसला आ सकता है।

सुनवाई के दौरान तेजप्रताप यादव के अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस ने राजनीतिक विरोध और द्वेष के चलते उनके मुवक्किल पर मनगढ़ंत और झूठा मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। बचाव पक्ष ने तेजप्रताप को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए उन्हें नियमित जमानत पर रिहा करने की गुहार लगाई। दूसरी ओर, सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का पुरजोर विरोध करते हुए दलील दी कि घटना में पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, इसलिए आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।

पटना पुलिस का दावा है कि पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हिंसक हमला किया। पुलिस के मुताबिक, इस घटना में गांधी मैदान थाना अध्यक्ष समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। मामले को लेकर गांधी मैदान थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इसी मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में पटना सिविल कोर्ट के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार उपाध्याय की अदालत ने माले विधायक संदीप सौरभ समेत करीब एक दर्जन नेताओं और प्रदर्शनकारी छात्रों की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने इस मामले में पुलिस से सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास और घायलों की इंजरी रिपोर्ट तलब की है। इस मामले की अगली सुनवाई अब एक अगस्त’ को होगी। फिलहाल, राजधानी के राजनीतिक हलकों में सबकी निगाहें अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी के आने वाले फैसले पर टिकी हुई हैं कि पूर्व मंत्री को राहत मिलती है या उनका जेल प्रवास और लंबा होता है।