सिवान में छात्रों पर एके-47 से फायरिंग मामले में भड़के तेजस्वी, डीजीपी से की मुलाकात; पूछा-किसके आदेश पर चली गोली?

 नीट पेपर लीक के खिलाफ सिवान में हुए आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर एके-47 से फायरिंग मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार से मुलाकात की और पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। डीजीपी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर बरसे और पूरे मामले में उच्चस्तरीय जवाबदेही तय करने की मांग की।

सिवान में छात्रों पर एके-47 से फायरिंग मामले में भड़के तेजस्वी, डीजीपी से की मुलाकात; पूछा-किसके आदेश पर चली गोली?

DESWA DESK : नीट पेपर लीक के खिलाफ सिवान में हुए आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर एके-47 से फायरिंग मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार से मुलाकात की और पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। डीजीपी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर बरसे और पूरे मामले में उच्चस्तरीय जवाबदेही तय करने की मांग की।

तेजस्वी यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे देश की जनता यह जानना चाहती है कि आखिर प्रदर्शन कर रहे निहत्थे छात्रों पर एके-47 राइफल से गोली चलाने का अधिकार किसने दिया? उन्होंने कहा कि देश में बड़े से बड़े आंदोलन हुए, लेकिन किसी भी आंदोलन में निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर एके-47 का इस्तेमाल नहीं देखा गया। पुलिस की गोली से सिवान के तीन छात्र घायल हुए, किस्मत से उनकी जान बच गई, लेकिन इस जुल्म का जिम्मेदार कौन है?

नेता प्रतिपक्ष ने साफ लहजे में कहा कि किसी एक छोटे सिपाही को बलि का बकरा बनाकर असल जिम्मेदार बच नहीं सकता। उन्होंने पूछा कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी सीवान के एसपी को बर्खास्त क्यों नहीं किया गया? क्या आगे होने वाले आंदोलनों में भी जनता पर इसी तरह एके-47 से गोलियां बरसाई जाएंगी?

सरकार की चुप्पी पर सीधा हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बिहार का गृह विभाग संभाल रहे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस मुद्दे पर मुंह में दही जमाकर बैठे हैं। सम्राट चौधरी को सामने आकर जनता से माफी मांगनी चाहिए और स्पष्ट करना चाहिए कि क्या छात्रों पर गोलियां उनके आदेश पर चलाई गईं, या फिर यह आदेश किसने दिया था?

राज्य में आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अपराधियों का बोलबाला हो चुका है और ऐसा लगता है जैसे पुलिस-प्रशासन का वजूद ही खत्म हो गया है। उन्होंने डीजीपी से कहा कि बिहार की छवि को जिस तरह पुलिस स्टेट' में तब्दील करने की कोशिश हो रही है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह जयप्रकाश नारायण (जेपी) और जननायक कर्पूरी ठाकुर की धरती है, यहां तानाशाही नहीं चलेगी।

दिल्ली में संसद परिसर के भीतर विपक्षी नेताओं के साथ हुई खींचतान और बदसलूकी का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही हैं। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत तमाम विपक्षी नेताओं का आभार व्यक्त किया और उन्हें संसद सत्र खत्म होने के बाद बिहार आने का न्योता दिया है, ताकि वे पीड़ित छात्रों से मिल सकें और सरकार से जवाब मांग सकें।