आपदा में सरकार हर पीड़ित के साथ; बोले सीएम सम्राट चौधरी- गंगा के जलस्तर में गिरावट, पूरा प्रशासनिक अमला 24 घंटे मुस्तैद
इस दौरान मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में संचालित सामुदायिक रसोई, मेडिकल कैंप और विशेष रूप से चलाए जा रहे आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत शिविर में मौजूद बच्चों से बात की और उनका हालचाल जाना। इस मौके पर आपदा प्रबंधन के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने बाढ़ के दौरान डूबने से जान गंवाने वाले आधा दर्जन मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान का चेक सौंपा। साथ ही, पीड़ितों के बीच सूखा राशन और राहत किट का वितरण भी किया।
DESWA DESK : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली और सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का आज दौरा किया। अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने हाजीपुर से की, जहां जढुआ स्थित बाढ़ राहत शिविर पहुंचकर उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में संचालित सामुदायिक रसोई, मेडिकल कैंप और विशेष रूप से चलाए जा रहे आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत शिविर में मौजूद बच्चों से बात की और उनका हालचाल जाना। इस मौके पर आपदा प्रबंधन के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने बाढ़ के दौरान डूबने से जान गंवाने वाले आधा दर्जन मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान का चेक सौंपा। साथ ही, पीड़ितों के बीच सूखा राशन और राहत किट का वितरण भी किया।
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा की घड़ी है, इसलिए थोड़ी परेशानी होना स्वाभाविक है। लेकिन राहत की बात यह है कि गंगा नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। पिछले 24 घंटों में जलस्तर में लगभग 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि पूरा प्रशासनिक अमला 24 घंटे मुस्तैद है। अगले दो से तीन दिनों में स्थिति में व्यापक सुधार होगा और लोगों को जलभराव से बड़ी राहत मिलेगी।
वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर भागलपुर के नाथनगर में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों को कोई परेशानी नहीं हो, इसे लेकर बिहार सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन के अधिकारी पूरी मुस्तैद हैं।













