सूखे पर विधानसभा में हंगामा : वेल में पहुंचे विपक्षी विधायक, सीएम सम्राट चौधरी ने किसानों के लिए कर दिया बड़ा एलान
विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को राज्य में सूखे की गंभीर स्थिति को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी विधायकों ने राज्य में कम बारिश और किसानों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए वेल में आकर नारेबाजी की। हालांकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हस्तक्षेप और ठोस आश्वासनों के बाद ही विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर वापस लौट गए।
DESWA DESK : विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को राज्य में सूखे की गंभीर स्थिति को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी विधायकों ने राज्य में कम बारिश और किसानों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए वेल में आकर नारेबाजी की। हालांकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हस्तक्षेप और ठोस आश्वासनों के बाद ही विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर वापस लौट गए।
विधायकों ने कहा कि बारिश न होने से फसलें सूख रही हैं, और ऐसे समय में भी समय पर बिजली न मिलने से सिंचाई ठप पड़ी है। पक्ष और विपक्ष के विधायकों को जवाब देने के लिए स्वयं मुख्यमंत्री सम्राट चैधरी सदन में खड़े हुए। उन्होंने कहा कि पटवन के लिए सुबह छह से शाम शात बजे तक किसानों को बिजली दी जाएगी। साथ ही, सभी डीएम को सुखाड़ की रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है। प्रभावित किसानों को तत्काल डीजल अनुदान भी दिया जाएगा ताकि उनकी फसलें प्रभावित ना हों।
मुख्यमंत्री सम्राट चैधरी ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर है, और किसानों को हरसंभव सहायता सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सवालों का खुद जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने माना कि इस वर्ष राज्य के कई हिस्सों में बारिश कम हुई है। खेती मौसम पर निर्भर होती है और कम बारिश से किसान परेशान हैं। सरकार हालात पर पल.पल नज़र बनाए हुए है। उन्होंने सदन में घोषणा की कि बिजली या संसाधनों की कमी के कारण एक भी किसान की फसल बर्बाद नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सदन में विशेष व्यवस्था की घोषणा करते हुए कहा कि किसानों को खेतों तक पानी पहुंचाने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए सुबह छह बजे से शाम शात बजे तक लगातार बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ऊर्जा और संबंधित विभागों को इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने को कहा गया है।
सूखे की स्थिति पर सीएम सम्राट चैधरी ने बताया कि जिन-जिन जिलों में बारिश की कमी से सुखाड़ की स्थिति बन रही है, वहां के जिलाधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट तैयार कर भेजने का आदेश दिया गया है। रिपोर्ट मिलते ही सरकार प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जहां भी पानी का संकट गहराएगा, वहां किसानों को तुरंत डीजल अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी ताकि वे पंपसेट के जरिए सिंचाई कर अपनी फसलें बचा सकें।













