नीट पेपर लीक के खिलाफ आइसा के लोकभवन मार्च के दौरान रणक्षेत्र बना जेपी गोलंबर; पुलिसकर्मी का सिर फटा, कई छात्र भी घायल

प्रदर्शनकारी गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से मार्च निकालते हुए जेपी गोलंबर पहुंचे थे, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस की रोक के बावजूद जब छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे तब स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने वाले प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का प्रयोग किया। इसके बाद भी जब प्रदर्शनकारी छात्र अपने मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए डाकबंगला चैराहा की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। 

नीट पेपर लीक के खिलाफ आइसा के लोकभवन मार्च के दौरान रणक्षेत्र बना जेपी गोलंबर; पुलिसकर्मी का सिर फटा, कई छात्र भी घायल

DESWA DESK : नीट पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के लोकभवन मार्च के दौरान राजधानी पटना की सड़कें रणक्षेत्र बन गईं। जैसे ही गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से आइसा के बैनर विभिनन छात्र संगठनों के छात्रों ने लोकभवन मार्च निकाला, वैसे ही जेपी गोलंबर के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्कामुक्की होने लगी। जिसके बाद पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की।

दरअसल, प्रदर्शनकारी गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से मार्च निकालते हुए जेपी गोलंबर पहुंचे थे, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस की रोक के बावजूद जब छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे तब स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने वाले प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का प्रयोग किया। इसके बाद भी जब प्रदर्शनकारी छात्र अपने मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए डाकबंगला चैराहा की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। 

इस दौरान  पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प हुई, प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हुई हिंसक झड़प में पुलिसकर्मी का सिर फट गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी छात्रों को भी चोटें आई है। छात्रों ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया जा रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर पटना तक छात्रों पर अत्याचार हो रहा है। यदि हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और उग्र होगा।

छात्र नेताओं ने बताया कि यह मार्च नीट पेपर लीक,  दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन और वहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में निकाला गया था। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, शिक्षा के निजीकरण पर रोक और पटना विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन का विरोध कर रहे हैं। 

इसके साथ ही, प्रदर्शनकारी छात्र नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। साथ ही, दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। वहीं, यूजी, पीजी और पीएचडी में  में बढ़ाई गई फीस तुरंत वापस लेने और  पिछड़े वर्ग के शोधार्थियों को नॉन-नेट फेलोशिप देने की मांग कर रहे थे।

छात्रों के प्रदर्शन के बाद पूरे इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था भंग करने और बैरिकेडिंग तोड़ने के प्रयास के चलते भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए गए।