तेल बाजार में उथल-पुथल: महंगा हुआ इंडस्ट्रियल डीजल, आम आदमी पर पड़ेगा असर

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान और अमेरिका के बीच टकराव के चलते वैश्विक कच्चे तेल बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। इसका असर अब भारत में भी दिखने लगा है, जहां ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की है।सरकारी तेल कंपनी (IOC)इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन  ने इंडस्ट्रियल यानी....

तेल बाजार में उथल-पुथल: महंगा हुआ इंडस्ट्रियल डीजल, आम आदमी पर पड़ेगा असर

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान और अमेरिका के बीच टकराव के चलते वैश्विक कच्चे तेल बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। इसका असर अब भारत में भी दिखने लगा है, जहां ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की है।सरकारी तेल कंपनी (IOC)इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन  ने इंडस्ट्रियल यानी बल्क डीजल की कीमतों में भारी इजाफा किया है।पहले जहां कीमत: ₹87.67 प्रति लीटर थी वहीं अब नई कीमत: ₹109.59 प्रति लीटर महंगा हो गया है। 
कुल बढ़ोतरी: ₹22 प्रति लीटर से ज्यादा हो गई है।

 इंडस्ट्रियल डीजल क्या होता है
बता दें कि इंडस्ट्रियल डीजल का इस्तेमाल आम गाड़ियों में नहीं, बल्कि फैक्ट्री व कारखानों में औद्योगिक कामों के लिए किया जाता है, इसे इंडस्ट्रियल या बल्क डीजल के रूप में बेचा जाता है। इस डीजल पर कोई सब्सिडी नहीं होती है। फैक्ट्रीज़, शॉपिंग मॉल, डेटा सेंटर और वे बड़ी बिल्डिंग्स जो बिजली जाने पर बड़े जेनरेटर पर चलते हैं, वहां इंडस्ट्रियल डीजल का इस्तेमाल किया जाता है।इसके अलावा, JCB, बुलडोज़र और इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल होने वाली हैवी मशीनों में भी इंडस्ट्रियल डीजल का इस्तेमाल होता है। 

संशोधित दरें 20 मार्च, 2026 से प्रभावी
वैसे इंडस्ट्रियल डीजल का इस्तेमाल आम गाड़ियों में नहीं होता है लेकिन इसके दामों में बढ़ोतरी का असर आम जन जीवन पर जरूर देखने को मिलेगा। क्योंकि, इससे कंपनियों की लागत बढ़ेगी और इसका बोझ ग्राहकों पर डाला जा सकता है।बता दें कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में भी ₹2.09 प्रति लीटर का इजाफा किया है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग शहरों में लागू की गई हैं और संशोधित दरें 20 मार्च, 2026 से प्रभावी हो गई हैं।