पटना हॉस्टल मौत मामला: मामा से पूछताछ, CBI पर लीपापोती के आरोप,POCSO कोर्ट की फटकार के बाद बदला गया IO

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की संदिग्ध मौत की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ पाई है। मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में POCSO कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद एजेंसी ने केस के जांच अधिकारी (Investigating Officer) को बदल दिया है। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे CBI ने छात्रा के मामा को पटना .....

पटना हॉस्टल मौत मामला: मामा से पूछताछ, CBI पर लीपापोती के आरोप,POCSO कोर्ट की फटकार के बाद बदला गया IO

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की संदिग्ध मौत की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ पाई है। मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में POCSO कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद एजेंसी ने केस के जांच अधिकारी (Investigating Officer) को बदल दिया है। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे CBI ने छात्रा के मामा को पटना स्थित अपने कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया। नए जांच अधिकारी, डीएसपी विभा कुमारी ने खुद इस पूछताछ का नेतृत्व किया। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे की पूछताछ में मामा से लगभग 25 सवाल किए गए।इसी क्रम में प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के संचालक डॉ. सतीश को भी CBI कार्यालय तलब किया गया, जहां उनसे करीब आधे घंटे तक पूछताछ हुई।

12 फरवरी से CBI के पास मामला
गौरतलब है कि CBI ने 12 फरवरी को इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच अपने हाथ में ली थी, लेकिन अब तक कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आ सका है। यही वजह है कि जांच की गति और दिशा दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।पीड़ित छात्रा के मामा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि CBI भी मामले की “लीपापोती” कर रही है। उनका दावा है कि जांच अधिकारी बदलने के बावजूद मामले की जांच सही दिशा में नहीं बढ़ रही।

अगली सुनवाई 23 मार्च 
वहीं पीड़ित पक्ष के वकील एसके पांडेय ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर परिवार को परेशान किया जा रहा है और उन पर यह मानने का दबाव बनाया जा रहा है कि यह आत्महत्या का मामला है।मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही है।उनका कहना है कि, 'इंसाफ और सत्य की लड़ाई अब आर पार लड़ी जाएगी। बेटियों के समक्ष लड़ी जाएगी।एसके पांडे ने बताया कि, 'सीबीआई के जांच अधिकारी भले ही चेंज हो गए हों, लेकिन जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है। नए जांच अधिकारी से उम्मीद है कि वह सही तथ्यों और सही दिशा में कम करें।  पीड़ित पक्ष की ओर से POCSO कोर्ट में शिकायत के साथ मुआवजे के लिए आवेदन भी दाखिल किया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 23 मार्च को तय की गई है।