दानापुर में भ्रष्टाचार की बलि चढ़ा पुल: निर्माणाधीन ढांचा गिरा, मजदूर जिंदगी-मौत से जूझ रहा
दानापुर के ढिबरा इलाके से भ्रष्टाचार और लापरवाही की एक भयावह तस्वीर सामने आई है। यहां निर्माणाधीन पुल अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में दो मजदूर मलबे में दब गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है।जानकारी के मुताबिक विजय सिंह पथ से ढिबरा तक सड़क और पुल निर्माण का काम चल रहा था। इसी दौरान पुल का ढांचा ....
दानापुर के ढिबरा इलाके से भ्रष्टाचार और लापरवाही की एक भयावह तस्वीर सामने आई है। यहां निर्माणाधीन पुल अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में दो मजदूर मलबे में दब गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है।जानकारी के मुताबिक विजय सिंह पथ से ढिबरा तक सड़क और पुल निर्माण का काम चल रहा था। इसी दौरान पुल का ढांचा अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
मजदूरों को निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी
बताया जा रहा है कि मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक मजदूर को जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं दूसरा मजदूर किसी तरह पुलिया के नीचे छिपकर अपनी जान बचाने में सफल रहा।स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुल का निर्माण बिना मजबूत बेस और ठोस पिलर के सीधे मिट्टी पर किया जा रहा था।
घटिया गुणवत्ता की सामग्री लगाई जा रही थी
ग्रामीणों के अनुसार निर्माण में सरिया (लोहे की छड़) का इस्तेमाल नहीं किया गया। घटिया गुणवत्ता की सामग्री लगाई जा रही थी। तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इलाके में दो पुल बनाए जा रहे थे। एक पुल गिर चुका है, जबकि दूसरा भी उसी कमजोर तकनीक से तैयार किया जा रहा है, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।हादसे के बाद पूरे ढिबरा इलाके में आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुल की तुरंत तकनीकी जांच कराई जाए
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दूसरे पुल की तुरंत तकनीकी जांच कराई जाए। निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। यह हादसा न सिर्फ निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि प्रशासनिक निगरानी की पोल भी खोलता है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।













