बिहार में अवैध खनन पर बड़ा प्रहार: बालू-पत्थर माफियाओं पर सख्त हुई सरकार, अब 5 लाख तक जुर्माना
बिहार में बालू और पत्थर के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने कड़े प्रावधान लागू कर दिए हैं। खान एवं भूतत्व विभाग की ओर से अधिसूचित बिहार खनिज संशोधन (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन ...
बिहार में बालू और पत्थर के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने कड़े प्रावधान लागू कर दिए हैं। खान एवं भूतत्व विभाग की ओर से अधिसूचित बिहार खनिज संशोधन (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली-2026 के तहत अब नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना और खनन पट्टा रद्द करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
पहली बार प्रत्येक वाहन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना
नई नियमावली के तहत यदि कोई पट्टाधारी वैध चालान से अधिक मात्रा में बालू या पत्थर वाहन पर लादता है, तो पहली बार प्रत्येक वाहन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि एक माह के भीतर जुर्माना जमा नहीं किया गया या दोबारा उल्लंघन हुआ, तो संबंधित खनन पट्टा तीन माह तक निलंबित किया जा सकेगा। लगातार नियम उल्लंघन की स्थिति में जिला समाहर्ता (डीएम) के स्तर पर स्पष्टीकरण लेकर पट्टा स्थायी रूप से रद्द करने की कार्रवाई भी होगी।
ढके और रंगे हुए वाहनों से ही होगा परिवहन
संशोधित नियमावली के अनुसार अब लघु खनिजों का परिवहन केवल विशेष रंग से रंगे और पूरी तरह ढके हुए वाहनों से ही किया जा सकेगा। बिना ढके खनिज परिवहन करने पर ट्रैक्टर पर 5 हजार रुपये और बड़े वाहनों पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।वहीं, वाहन में लगे जीपीएस डिवाइस से छेड़छाड़ करने या उसे बंद करने पर वाहन मालिक को 1 लाख रुपये जुर्माना देना होगा। बिना निर्धारित रंग वाले वाहन के लिए चालान जारी करने पर पट्टाधारी पर प्रति वाहन 1 लाख रुपये का दंड लगाया जाएगा।
पर्यावरण सुरक्षा पर भी फोकस
सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के लिए भी सख्त प्रावधान किए हैं। खनन योजना के अनुसार पौधारोपण नहीं करने पर न्यूनतम 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। 50 वृक्ष तक की कमी होने पर 5 लाख रुपये और उससे अधिक कमी पर प्रति अतिरिक्त वृक्ष 2 हजार रुपये अतिरिक्त दंड देना होगा।
CCTV और सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य
खनन गतिविधियों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक पट्टाधारी को पिछले छह माह का CCTV फुटेज सुरक्षित रखना अनिवार्य कर दिया गया है। पहली बार उल्लंघन पर 5 लाख और दूसरी बार 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद पट्टा रद्द करने की कार्रवाई भी संभव होगी।
सीमा स्तंभ नहीं लगाने पर 5 लाख रुपये जुर्माना
इसके अलावा साइन बोर्ड नहीं लगाने पर 1 लाख रुपये जुर्माना,सीमा स्तंभ नहीं लगाने पर 5 लाख रुपये जुर्माना,
पानी के छिड़काव और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने पर 1-1 लाख रुपये दंड का प्रावधान किया गया है। बता दें कि नई नियमावली लागू होने सरकार को भी फायदा होगा । जैसे -खनिज चोरी और अवैध खनन पर रोक लगेगी, सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी,पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण होगा।,संगठित अवैध खनन नेटवर्क पर लगाम लगेगी।,परिवहन व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।













