तेजप्रताप यादव पर दर्ज हुआ हत्या के प्रयास का मुकदमा, बेउर जेल भेजे गए जेजेडी सुप्रीमो, क्या है मामला..?
नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर हुए उग्र प्रदर्शन और हंगामे के बाद जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष, पूर्व मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के बेटे तेजप्रताप यादव को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद तेजप्रताप को पटना के बेउर जेल भेज दिया गया है।
DESWA DESK : नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर हुए उग्र प्रदर्शन और हंगामे के बाद जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष, पूर्व मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के बेटे तेजप्रताप यादव को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद तेजप्रताप को पटना के बेउर जेल भेज दिया गया है।
पटना में शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान तेजप्रताप हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लिए रामगुलाम चैक पर छात्रों के साथ नजर आए थे। उनपर प्रदर्शन के दौरान छात्रों को भड़काने का आरोप लगा है। दरअसल, प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक झड़प और छात्र संगठनों के पथराव में गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा और टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार समेत कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
उनपर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें नौबतपुर थाने ले जाया गया, जहां पूछताछ के बाद उन्हें बेउर जेल भेज दिया गया। तेजप्रताप की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जनशक्ति जनता दल की नेता वीणा मानवी ने पुलिस कार्रवाई पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि गिरफ्तारी के समय पुलिस ने इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया। नामांकन के दिन मुझे गिरफ्तार कर लिया गया और अब हमारे अध्यक्ष को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने पुलिस पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
उधर, तेजप्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जज के समक्ष अपनी दलीलें रखी। वकील के अनुसार, तेजप्रताप यादव को 25 जुलाई की शाम लगभग साढ़े सात बजे पटना के सिटी सेंटर मॉल से हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा कि इसकी पुष्टि मॉल में लगे सीसीटीवी फुटेज से भी हुई है। एडवोकेट जगन्नाथ सिंह ने कहा कि मैं रात साढ़े दस बजे नौबतपुर थाने पहुंचा और एसपी तथा एएसपी दोनों से ही गिरफ्तारी के आधार के बारे में पूछा।
उन्होंने कहा कि तेजप्रताप यादव के परिजनों तक को यह जानकारी नहीं दी गई थी कि उन्हें शाम साढ़ेे सात बजे से हिरासत में रखा गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गांधी मैदान थाने से एफआईआर की प्रति आ रही है, जिसमें एक घंटे का समय लगा। इसके बाद वे मजिस्ट्रेट के पास जाने की बात करने लगे। हमें एफआईआर की प्रति तक मुहैया नहीं कराई गई।
वकील जगन्नाथ सिंह ने खुलासा किया कि प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामे को लेकर पुलिस ने जेजेडी सुप्रीमो तेजप्रताप यादव पर हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। उन्होंने तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी को प्रक्रियात्मक अनियमितता बताते हुए उन्हें अविलंब रिहा करने की अपील की है। फिलहाल, तेजप्रताप यादव के जेल जाने के बाद पटना में उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है।
बता दें कि शनिवार को नीट पेपर लीक को लेकर पटना में हुए आंदोलन में गांधी मैदान के पास तेजप्रताप छात्रों के साथ हाथ में तिरंगा लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए थे। दिनभर वे कोतवाली थाना क्षेत्र और गांधी मैदान के इलाके में छात्रों के साथ प्रदर्शन में शामिल रहे। इस दौरान हुई हिंसक झड़प और छात्र संगठनों के पथराव में गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा और टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार समेत कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और थाने लेकर चली गई, लेकिन वे थाने से निकलकर चले गए। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उन्हें पटना के सिटी सेंटर माॅल से उन्हें गिरफ्तार कर लिया।













