फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा पर राहुल का तीखा हमला, 'सरकार ने गलत लोगों के हाथ में सौंपी शिक्षा व्यवस्था..धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें'
राहुल गांधी ने कहा कि महज घोषणाएं कर देने से सरकार अपनी नैतिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उन्होंने सवाल उठाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक के लिए जवाबदेही तय करने में अबतक देरी क्यों हुई और असली गुनहगारों को किसका संरक्षण हासिल है? राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर गलत लोगों का कब्जा होने दिया गया और युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया गया है। सिर्फ फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा काफी नहीं है है। सरकार बताए कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
DESWA DESK : पेपर लीक मामलों में त्वरित न्याय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के एलान के बाद राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के इस कदम पर तीखा हमला बोलते हुए सरकार पर देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 'आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने न सिर्फ हमारी एजुकेशन सिस्टम पर पूरा कब्जा होने और उसे बर्बाद होने दिया, बल्कि उसे बढ़ावा भी दिया और इसके जिम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।' उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं, छात्रों से माफी मांगे और छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें।
राहुल गांधी ने कहा कि महज घोषणाएं कर देने से सरकार अपनी नैतिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उन्होंने सवाल उठाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक के लिए जवाबदेही तय करने में अबतक देरी क्यों हुई और असली गुनहगारों को किसका संरक्षण हासिल है? राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर गलत लोगों का कब्जा होने दिया गया और युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया गया है। सिर्फ फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा काफी नहीं है है। सरकार बताए कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
प्रधानमंत्री के बयान के जवाब में राहुल गांधी ने छात्रों के पक्ष में सरकार के समक्ष तीन शर्तें रखी हैं। राहुल गांधी ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से तत्काल हटाया जाए और देश के आक्रोशित लाखों छात्रों से सरकार माफी मांगे। साथ ही, प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बर्बरता व हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
एक तरफ जहां प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता बताते हुए त्वरित सजा के लिए विशेष अदालतों के गठन के निर्देश दिए हैं और दावा किया है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, विपक्ष इसे लीपापोती करार दे रहा है। राहुल गांधी का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की साख पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और इसके लिए नीतियां नहीं, बल्कि सरकार की नीयत जिम्मेदार है। पीएम के फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले के बाद विपक्ष ने घेराबंदी की तेज कर दी है। विपक्ष का आरोप है कि सिर्फ घोषणाएं कर अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिश में केंद्र सरकार जुटी हुई है।













