कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले : 22 हजार सेविका-सहायिका की होगी बहाली; स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना को भी मिलेगी नई रफ्तार

सम्राट कैबिनेट की बड़ी बैठक समाप्त हो गई है। कैबिनेट बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए कई बड़े और दूरगामी फैसलों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, पेयजल व्यवस्था, रोजगार सृजन, कृषि और औद्योगीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

  कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले : 22 हजार सेविका-सहायिका की होगी बहाली; स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना को भी मिलेगी नई रफ्तार

DESWA DESK : सम्राट कैबिनेट की बड़ी बैठक समाप्त हो गई है। कैबिनेट बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए कई बड़े और दूरगामी फैसलों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, पेयजल व्यवस्था, रोजगार सृजन, कृषि और औद्योगीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

राज्य में समेकित बाल विकास सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के 22 हजार रिक्त पदों पर बहाली की जाएगी। इस फैसले से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और बाल विकास सेवाओं में सुधार होगा। साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मिथिलांचल के औद्योगिक विकास और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः शुरू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी स्थित बंद चीनी मिल परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलें स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही गन्ना आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।

इस पहल से स्थानीय गन्ना किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए साधन खुलेंगे। राज्य में सब्जी उत्पादक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत वेजफेड की त्रिस्तरीय सहकारी व्यवस्था के विस्तार के लिए 106.39 करोड़ रूपये मंजूर किए गए हैं। इसके अंतर्गत प्रखंड स्तर पर कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। साथ ही, सब्जियों को सड़ने से बचाने के लिए रेफ्रिजरेटेड वाहनों की व्यवस्था की जाएगी। 

केंद्र प्रायोजित अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत लखीसराय एवं किशनगंज जलापूर्ति परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। लखीसराय जलापूर्ति परियोजना के लिए ₹150.96 करोड़ और किशनगंज जलापूर्ति परियोजना के लिए ₹53.71 करोड़ का आवंटन किया गया है। इन परियोजनाओं के माध्यम से लाखों परिवारों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा तथा शहरी आधारभूत संरचना को नई मजबूती मिलेगी। 

पथ निर्माण विभाग द्वारा जमुई जिले में NH-333A पर दो उच्चस्तरीय आरसीसी पुल निर्माण परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।  खैरा-सोनो पथ के 72वें किमी पर नरियाना घाट (किऊल नदी) पर ₹93.82 करोड़ की लागत से नए पुल का निर्माण होगा। वहीं, खैरा-सोनो पथ के 80वें किमी पर मंगोबंदर-सुकनर नदी पर ₹55.96 करोड़ की लागत से नए पुल का निर्माण होगा। 

इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा, आवागमन सुगम बनेगा तथा स्थानीय व्यापार, कृषि एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। आज कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय से यह साफ हो गया कि राज्य सरकार हर घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने, आधारभूत संरचना को आधुनिक बनाने और विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।