इस्कॉन मंदिर में घुसे 'आतंकी' : दो पुजारियों को बनाया बंधक... और फिर जब एटीएस ने संभाली कमान...?

राजधानी पटना के अतिसुरक्षित कोतवाली थाना इलाके के बुद्धमार्ग स्थित प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर में बुधवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब हथियारबंद आतंकियों के घुसने और दो पुजारियों को बंधक बनाने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। हालांकि कुछ ही देर बाद प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी हमले जैसे आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) और बिहार पुलिस द्वारा यह मॉक ड्रिल किया गया था।

इस्कॉन मंदिर में घुसे 'आतंकी' : दो पुजारियों को बनाया बंधक... और फिर जब एटीएस ने संभाली कमान...?

DESWA DESK : राजधानी पटना के अतिसुरक्षित कोतवाली थाना इलाके के बुद्धमार्ग स्थित प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर में बुधवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब हथियारबंद आतंकियों के घुसने और दो पुजारियों को बंधक बनाने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। हालांकि कुछ ही देर बाद प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी हमले जैसे आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) और बिहार पुलिस द्वारा यह मॉक ड्रिल किया गया था।

दोपहर के वक्त तीन संदिग्ध हथियारबंद आतंकी बनकर इस्कॉन मंदिर के परिसर में दाखिल हुए। उन्होंने मंदिर के दो पुजारियों मुजफ्फरपुर निवासी केशव कुमार और खगड़िया निवासी ज्ञान कुमार को बंदूक के बल पर बंधक बना लिया। मंदिर परिसर में आतंकियों के घुसने की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और एटीएस की स्पेशल टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा के लिहाज से एटीएस और पुलिस कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए इस्कॉन मंदिर परिसर और उसके आसपास की सड़कों को पूरी तरह खाली कराया। 

मंदिर के मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बनी रही। एटीएस के कमांडो ने तत्परता दिखाते हुए रणनीतिक रूप से मंदिर की घेराबंदी की और बंधकों को सुरक्षित छुड़ाने तथा आतंकियों को बेअसर करने का जीवंत अभ्यास किया। मॉक ड्रिल समाप्त होने के बाद पुलिस और एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों ने राहत की सांस ली। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों के मौसम और भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को देखते हुए यह अभ्यास बेहद जरूरी था। 

इस मॉक ड्रिल के जरिए यह देखा गया कि आपात स्थिति की सूचना मिलने पर पुलिस और एटीएस की टीमें कितनी जल्दी रिस्पॉन्ड करती हैं और आपस में उनका तालमेल कैसा रहता है। माॅक ड्रिल के सफल समापन के बाद मंदिर में स्थिति सामान्य कर दी गई और श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के दरवाजे खोल दिए गए। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और जय श्रीकृष्णा का जयघोष किया।