बीपीएससी टीआरई-4 से पीटी-मेंस की जगह एक परीक्षा की मांग को लेकर सीएम हाउस घेरने निकले छात्र, बैरिकेड तोड़ डाकबंगला की ओर बढ़े
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) के पैटर्न में बदलाव की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा सोमवार को पटना की सड़कों पर फूट पड़ा है। अभ्यर्थी पीटी और मेंस की जगह पूर्व की तरह एक ही परीक्षा आयोजित करने, नेगेटिव मार्किंग हटाने और डोमिसाइल लागू करने की मांग को लेकर पटना के गांधी मैदान से सीएम हाउस का घेराव करने के लिए निकल पड़े हैं।
DESWA DESK : बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) के पैटर्न में बदलाव की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा सोमवार को पटना की सड़कों पर फूट पड़ा है। अभ्यर्थी पीटी और मेंस की जगह पूर्व की तरह एक ही परीक्षा आयोजित करने, नेगेटिव मार्किंग हटाने और डोमिसाइल लागू करने की मांग को लेकर पटना के गांधी मैदान से सीएम हाउस का घेराव करने के लिए निकल पड़े हैं।
ऐतिहासिक गांधी मैदान से शुरू हुआ छात्रों का मार्च उग्र आंदोलन में बदल गया, जब अभ्यर्थियों ने जेपी गोलंबर पर लगाए गए पुलिस बैरिकेडिंग को ध्वस्त कर दिया और डाकबंगला चौराहे की ओर कूच कर गए। प्रदर्शनकारी छात्रों को डाकबंगला चौराहे पर ही रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ी सख्ती बरतते हुए चौराहे की एक तरफ की सड़क को पूरी तरह से सील कर दिया है।
मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बलों के साथ-साथ सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन की गाड़ियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रदर्शनकारी छात्र टीआरई-4 में पीटी (प्रारंभिक) और मेंस (मुख्य) परीक्षा के दो चरणों को हटाकर केवल एक ही मुख्य परीक्षा की मांग कर रहे हैं।
इसके साथ ही, परीक्षा से नेगेटिव मार्किंग के प्रावधान को पूरी तरह से हटाने और सौ फीसदी डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया को बिना किसी नए पेंच के समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि बार-बार परीक्षा पैटर्न में किए जा रहे बदलावों से अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक रहा है। दो चरणों की परीक्षा से समय और संसाधन दोनों का नुकसान होगा।
छात्रों के प्रदर्शन और बैरिकेडिंग टूटने के बाद राजधानी के प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। डाकबंगला चौराहे पर पुलिस अधिकारियों द्वारा छात्रों को समझाने-बुझाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और आयोग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने की है। छात्र सीएम से मुलाकात की मांग पर अड़े हुए हैं।













