गिरफ्तारी के चौथे दिन जेल से रिहा हुए तेजप्रताप यादव
बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव गिरफ्तारी के चौथे दिन मंगलवार की शाम पटना स्थित बेऊर जेल से बाहर आ गए हैं। अदालत से प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार देर शाम उनकी रिहाई हुई।
DESWA DESK : बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव गिरफ्तारी के चौथे दिन मंगलवार की शाम पटना स्थित बेऊर जेल से बाहर आ गए हैं। अदालत से प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार देर शाम उनकी रिहाई हुई। बेऊर जेल के मुख्य द्वार से बाहर निकलते ही वहां पहले से मौजूद सैकड़ों समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए उन पर फूलों की की बारिश की और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।
तेजप्रताप यादव को 25 जुलाई की देर शाम पटना के सिटी सेंटर मॉल से पुलिस ने गिरफ्तार किया था। नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में बुलाए गए बिहार बंद के दौरान गांधी मैदान इलाके में हुई हिंसा, उपद्रव और पुलिस अधिकारियों पर हमले के मामले में गांधी मैदान थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया था।
तेजप्रताप यादव की रिहाई की खबर मिलते ही बेऊर जेल परिसर के आसपास बड़ी संख्या में जनशक्ति जनता दल और उनके समर्थक जुटने शुरू हो गए थे। जैसे ही वह खुली गाड़ी में जेल परिसर से बाहर आए, समर्थकों ने तेजप्रताप यादव जिंदाबाद के नारे लगाए। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ वे अपने आवास के लिए रवाना हुए।
जेल से बाहर आने के बाद तेजप्रताप यादव ने कहा कि उन्हें राजनीतिक द्वेष के तहत फंसाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि सत्य को कुछ समय के लिए परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं। छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा था, जिसके खिलाफ आवाज उठाना मेरा लोकतांत्रिक अधिकार है। जेल की सलाखें मेरे हौसले को कम नहीं कर सकतीं, जनता के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक इसी तरह जारी रहेगी।
उल्लेखनीय है कि तेजप्रताप यादव के अधिवक्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर की समयसीमा पर सवाल उठाते हुए अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की थी। सोमवार को तेजप्रताप की नियंमित जमानत पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। बचाव पक्ष का दावा था कि पुलिस ने उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना गिरफ्तारी की थी। आज अदालत द्वारा रिहाई का आदेश जारी होने के बाद जेल प्रशासन ने औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें रिहा कर दिया है।













